राजस्थान के परम्परागत घूमर नृत्य ने मचाई धूम,
योगासनों के अचम्भित करने वाले प्रदर्शन पर लोगों ने दबाई दांतों तले अंगुलियां





लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के 36वें स्थापना दिवस समारोह के द्वितीय चरण का आयोजन आचार्यश्री महाश्रमण आॅडिटोरियम में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ की अध्यक्षता एवं जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़ के मुख्य आतिथ्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतिकरण के रूप में किया गया। इस अवसर पर हर्षिता कोठारी एवं समूह ने भारत के विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों का मनभावन प्रस्तुतिकरण किया। सलोनी एवं समूह ने राजस्थान के पारम्परिक घूमर नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सबको संस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया। कोमल एवं समूह ने गायन, वादन एवं नृत्य के माध्यम से राजस्थानी लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। मिताली एवं समूह ने भारत के त्यौंहारों को लेकर अपनी प्रस्तुति दी। हिमांगिनी एवं समूह ने चार युगों की यात्रा की आकर्षक प्रस्तुति दी तथा योग विभाग के 28 सदस्यों ने योगासनों के विभिन्न स्वरूपों को अचम्भित कर देने वाली प्रस्तुतियां देकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। संगीता एवं समूह ने प्रारम्भ में स्वागत नृत्य पेश किया। कार्यक्रम में खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट रहने वाली विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसी प्रकार उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कर्मचारियों का सम्मान भी किया गया। प्रारम्भ में स्वागत वक्तव्य स्नेहा शर्मा ने प्रस्तुत किया। अंत में ईर्या जैन ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो. जिनेन्द्र जैन, प्रो. बीएल जैन, प्रो. लक्ष्मीकांत व्यास, अभिनव सक्सेना, दीपाराम खोजा, पंकज भटनागर, सचिन अरोड़ा, डाॅ. बलबीर सिंह चारण, डाॅ. गिरीराज भोजक, डाॅ. जेपी सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. लिपि जैन एवं डॉ. नीलम द्वारा किया गया।






