लाडनूं के केसर देवी बालिका विद्यालय में हुआ विज्ञान मेले का आयोजन, बालिकाओं ने किया अपने विज्ञान कौशल का प्रदर्शन

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लाडनूं के केसर देवी बालिका विद्यालय में हुआ विज्ञान मेले का आयोजन, बालिकाओं ने किया अपने विज्ञान कौशल का प्रदर्शन

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय पीएम श्री राजकीय केसर देवी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में संस्था प्रधान परसाराम चौधरी की अध्यक्षता में विज्ञान मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसीबीईओ कल्याण सिंह रहे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रिंसिपल इन्द्रचंद जांगिड़ रहे। विज्ञान मेले के बारे में जानकारी देते हुए प्रभारी राजकुमार स्वामी ने बताया कि विद्यालय के जूनियर और सीनियर वर्ग की बालिकाओं ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को समझाने और उनके मानव जीवन में उपयोग को दर्शाने वाले विज्ञान के विभिन्न मॉडल और चार्ट बनाकर विज्ञान के प्रति अपनी रूचि दिखाई। बालिकाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन अतिथियों के साथ निर्णायक मंडल ने भी किया। निर्णायकों में भूतोड़िया स्कूल के प्रिंसिपल इन्द्रचंद जांगिड़, जौहरी स्कूल की व्याख्याता ज्योति कंवर और व्याख्याता परमेश्वरी निर्णायक मंडल के सदस्य रहे। इस विज्ञान मेला प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जायेगा।

विद्यार्थियों में नवीन ऊर्जा के संचार का माध्यम है विज्ञान मेला

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसीबीईओ कल्याण सिंह ने कहा कि विभागीय आदेशानुसार इस प्रकार के मेले का आयोजन विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में ये आयोजन सहायक सिद्ध होते हैं। विज्ञान सर्कल प्रभारी शिव शंकर बोहरा ने बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रूचि और कौशल विकसित करने के लिए साथ ही विज्ञान मेले और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन होते रहने से छात्राओं में सृजनशीलता, स्वावलम्बन आदि गुणों का विकास स्वाभाविक रूप से होता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में परसाराम चौधरी ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सभी प्रतिभाओं को मॉडल और चार्ट से संबंधित टॉपिक पर विस्तार से जानकारी दी और पूरी टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मेले की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में शशि शर्मा, भगवती, प्रेमलता, अनिल नेहरा, योगेन्द्र सिंह, पूनम वर्मा, निलेश पारीक, शंकर लाल, महीप जाट का योगदान रहा।कार्यक्रम का संचालन गजानंद शर्मा ने किया।

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Author: kalamkala

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