शहीद परिवार से एक शिक्षित व्यक्तित्व उभर कर आया सरपंच चुनाव में सामने,
धोलिया गांव का कायाकल्प करने का लिया संकल्प, विकास और समस्याओं के निराकरण के लिए करेंगे सतत् प्रयास



लाडनूं (kalamkala.in)। पंचायत चुनाव में भाग ले रहे प्रत्याशियों की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। इनमें लाडनूं पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम धोलिया से एक जुझारू शहीद परिवार का शख्स भी इस बार चुनाव मैदान में खम ठोंक रहा है। धोलिया के जुझारजी भोमिया जी अमरसिंह एवं भारतीय सेना के शहीद सुबेदार धनसिंह के परिवार के विक्रम सिंह राठौड़ ने इस बार चुनाव लड़ने की ठानी है। यह पूरा परिवार शिक्षित है। विक्रम सिंह स्वयं बीए बीएड तक शिक्षित हैं। धोलिया गांव में लोगों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि सभी जातियों के लोगों ने उनसे इस बार सरपंच का चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। इस बारे में विक्रम सिंह ने बताया कि उनकी भावना सदैव गांव के विकास की रही है। ग्राम पंचायत के पिछले दो कार्यकाल में वे हमेशा विकास के लिए सहयोगी रहे हैं। अब उनकी इच्छा है कि गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करवाया जाए, गांव की सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था दुरुस्त हो और हर खंभे पर एलईडी लाइटें लगवाई जावे, प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगवाई जावे, नियमित सफाई का पूरा बंदोबस्त रहे, हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगे, पानी के भराव की समस्या के निराकरण के लिए जल-निकासी की समुचित व्यवस्था हो, विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था हो, ताकि उन्हें अध्ययन में और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिल सके। युवाओं में खेल रुचियों की अभिवृद्धि के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे, ताकि गांव का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। यह सब कार्य वे सरपंच बनने के बाद हर हालत में करवाएंगे।
धोलिया ग्राम पंचायत के 9 वार्ड हैं और 3 पोलिंग बूथ हैं। यहां कुल 2922 मतदाता हैं, जिनमें राजपूत, ब्राह्मण, जाट, प्रजापत, स्वामी, जांगिड़, मेघवाल, गूजर, वाल्मीकि, नायक, बावरी, कायमखानी, लुहार आदि शामिल हैं। विक्रम सिंह का मानना है कि उनको सभी 36 कौम का समर्थन हासिल है। उनके समर्थन में ‘कलम कला’ से बातचीत करने वालों में रतनसिंह, हनुमान सिंह, कल्याण सिंह, किशोर सिंह, महेंद्र सिंह, बलवीर सिंह, जगन्नाथ सिंह, ओंकार सिंह, नंदसिंह, जितेन्द्र सिंह, मुरली सिंह, शिवराज सिंह, अमित सिंह आदि शामिल हैं, जिन्होंने खुल कर विक्रम सिंह का समर्थन किया और उनकी जीत का दावा भी किया।




