नागौर के छोर पर बसे लाडनूं को जिला बनाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, लाडनूं से दो ज्ञापन दिए गए, एक में चूरू के सुजानगढ को जिला बनाने की मांग

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नागौर के छोर पर बसे लाडनूं को जिला बनाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन,

लाडनूं से दो ज्ञापन दिए गए, एक में चूरू के सुजानगढ को जिला बनाने की मांग

लाडनूं। यहां प्रशासन को दो तरह के ज्ञापन सौंपे गए हैं। पहले में सुजानगढ़ को सुजला नाम से जिला बनाने की मांग की गई है और फिर शाम को सौंपे गए ज्ञापन में लाडनूं को ही जिला बनाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि यहां लाडनूं चैम्बर आॅफ काॅमर्स द्वारा एक बैठक बुलाई जाकर कुछ लोगों ने सुजानगढ को मुख्यालय मानते हुए सुजला जिला बनाने के सुजानगढ से किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए लाडनूं में भी गत 27 जनवरी को लाडनूं बंद रखे जाने का आह्वान किया था, लेकिन इसके बाद व्यापारी वर्ग ने बैठक करके इस पर गहरा असंतोष जताया और बंद को वापस करना पड़ा। इसके बाद लाडनूं जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया और लाडनूं को जिला मुख्यालय बनाने की मांग ने जोर पकड़ा, जिसके साथ बड़ी संख्या में लोग जुट गए। भाजपा व कांग्रेस सभी दलों ने लाडनूं को जिला बनाने का समर्थन किया। इसके बाद यहां से दो प्रकार के ज्ञापन कुछ लोगों ने दिए हैं।

ज्ञापन देकर लाडनूं को जिला बनाने की मांग

लाडनूं जिला बनाओ संघर्ष समिति की ओर से यहां उपखंड अधिकारी अनिल कुमार गढवाल को सौंपें गए ज्ञापन में बताया गया कि नागौर जिले में वर्तमान समय में 10 विधानसभा क्षेत्र शामिल है और चूरु जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से लाडनूं, डीडवाना, कुचामन, सुजानगढ़ आदि की जिला मुख्यालय से दूरी 90 किलोमीटर से भी अधिक है। नागौर जिले की सीमाएं बहुत ही अधिक विस्तार से हैं और जनसंख्या घनत्व भी अन्य जिलों की अपेक्षा अधिक है। ऐसे में नया जिला बनाने के लिए इन क्षेत्रों में लाडनूं मुख्यालय मध्य में स्थित है। लाडनूं क्षेत्र में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय मौजूद है। राजकीय महिला महाविद्यालय, एडीजे कोर्ट, उप पुलिस अधीक्षक सहित अन्य सभी उपखंड स्तरीय कार्यालय संचालित हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं को जिला मुख्यालय बनाने से क्षेत्र में विकास के साथ कृष्णमृगों के लिए प्रसिद्ध ताल छापर अभ्यारण तथा सालासर धाम के विकास के मार्ग भी खुलेंगे। ऐसे में लाडनूं को जिला बनाए जाने की मांग वाजिब है। इस दौरान जिला बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। ज्ञापन देने वालों में भाजपा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह ओड़ींट, भाजपा के जिला प्रवक्ता राजेंद्र सिंह धोलिया, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष नाथूराम कालेरा, नगर पालिका के उपाध्यक्ष मुकेश खीची, राजेन्द्र चोटिया, श्यामसुंदर पवार, नवरतन खीचड़, सुमित जांगिड़, प्रवीण जोशी सुरेश खींची, तेजराज सिंह जोधा, मो. मुश्ताक खां कायमखानी, गंगारात रैगर आदि शामिल थे।

सुजला जिला बनाने का ज्ञापन भी सौंपा गया

इसके अलावा कतिपय स्थानीय लोगों ने सुजला जिला बनाने की मांग को लेकर भी यहां उपखंड कार्यालय जाकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। लाडनूं चेंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम का यह ज्ञापन कुछ व्यापारी वर्ग के लोगों ने सौंपा। इस ज्ञापन में भी लाडनूं, जसवंतगढ़, सुजानगढ सहित अन्य कस्बों-गांवों को मिला कर नया जिला सुजला बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में सुजला क्षेत्र के अन्तर्गत लाडनूं, सुजानगढ़, जसवंतगढ़, बीदासर, छापर व सालासर को माना गया है। इसमें लाडनूं को आचार्य तुलसी की जन्मभूमि बताते हुए यहां से संपूर्ण विश्व में जैन धर्म का संचालन होना बताया गया है। इसी क्षेत्र में विश्व विख्यात सालासर बालाजी का मंदिर, ताल छापर अभ्यारण आदि बताए गए हैं। सुजला को जिला बनाया जाने से क्षेत्र के आर्थिक विकास की बात भी कही गई है। ज्ञापन देने वालों में लाडनूं चैम्बर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष सुशील पीपलवा, हनुमान मल जांगिड, नितेश माथुर, मोहन सिंह चैहान, शम्भुसिंह जैतमाल, गोविन्द सिंह कसूम्बी, पवन माहेश्वरी, कैलाश चंद्र, मदनगोपाल शर्मा, सुरेश सोनी आदि उपस्थित रहे।

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Author: kalamkala

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