प्रसिद्ध देवलाठी बालाजी मंदिर के मेले में उमड़ी भारी भीड़

लाडनूं (kalamkala.in)। कसुंबी अलीपुर से सुजानगढ़ रोड़ एवं जसवंत गढ़ के मध्य में स्थित प्रसिद्ध देवलाठी बालाजी मंदिर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सदियों पुरानी इस धाम में पिछले 20 सालों से पूजा-अर्चना का कार्य पीथाराम खीचड़ कर रहे हैं। इस मंदिर में लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होने से श्रद्धालुओं की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। इस बार दर्जनों पैदल यात्रियों के संघ भी मेले में पधारे।भारी बारिश के बावजूद भी इस बार मेले में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। सालासर, लाडनूं, कसुंबी व सुजानगढ़ मार्गों पर यात्रियों के जत्थे के जत्थे वाहनों व पैदल यात्रा के रूप में मंदिर स्थल की ओर उमड़े। इस बार मेले के दौरान झांकियां भी सजाई गई। लेखक जगदीश प्रसाद घिंटाला ने बताया कि प्राचीनकाल में सुजानगढ़ शहर आने वाले लोगों, राहगीरों व पशुपालकों के लिए जसवंतगढ़ के सेठों द्वारा यहां प्याऊ बनाकर संचालन किया जाता था और पिछले सात-आठ सालों से नागौर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग निकल जाने से देवलाठी बालाजी धाम का भी महत्व बढ़ गया। उल्लेखनीय है कि धाम के नजदीक प्रसिद्ध रामदेव बाबा मंदिर ठरडा है और काले हरिणों को छापर से हस्तांतरित करने के लिए सैकड़ों बीघा जमीन में अभयारण भी तैयार हो रहा है। यहां एक सदी से भी पहले आठ-नौ हजार बीघा जमीन गौचर भूमि के लिए जसवंत गढ़ के तापड़िया परिवार ने जोधपुर दरबार से खरीद कर गायों के संरक्षण व संवर्धन के लिए छोड़ी थी।




