एक अनूठी मुहिम – गौमाता को भीषण गर्मी व तापघात से बचाने का विशेष अभियान ‘मिशन मतीरा’,
ग्राम सींवा की दोनों गौशालाओं में गौभक्तों द्वारा ‘मिशन मतीरा’ के तहत खिलाए जा रहे हैं एक टन मतीरे
लाडनूं (kalamkala.in)। भीषण गर्मी और तपती लू को ध्यान में रखते हुए तहसील के ग्राम सींवा में गौमाता को विशेष राहत दिलाने के लिए गौ भक्तों ने ‘मिशन मतीरा’ शुरू कर रखा है। इसके तहत सींवां गांव की दोनों गौशालाओं में गायों को गौभक्त 1 टन मतीरा खिला रहे हैं। इस अनोखी पहल की केवल पूरे गांव में ही नहीं, बल्कि गांव-गांव में हर तरफ सराहना की जा रही है। ग्राम सींवा के युवाओं और बुजुर्गों की इस शानदार और संवेदनशील पहल की आस-पास के क्षेत्रों में लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। ग्राम सींवा के गौ भक्तों द्वारा गौमाता को भयंकर गर्मी से बचाने के लिए छेड़ी गई इस मुहिम ‘मिशन मतीरा’ की शानदार पहल के लिए बड़ी संख्या में अन्य गौ भक्त भी गौशालाओं में पहुंचकर सेवा कार्य में अपना हाथ बंटा रहे हैं और गौ माता को इस भीषण गर्मी और तपिश से बचाने के पुनीत कार्य में जुट गए हैं। सींवा की दोनों गौशालाओं की गौ माताओं के लिए 1 टन (1000 किग्रा) मतीरा खिलाया जाकर गौमाता को गर्मी से राहत प्रदान की जा रही है।
गौमाता के लिए समर्पित है मिशन मतीरा अभियान
इस बारे में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं को राहत देने के लिए ग्राम सींवा के गौ भक्तों ने एक मिसाल पेश की है। गौमाता को इस भयंकर तपिश और लू से बचाने के लिए ग्रामीणों व गौ भक्तों के सहयोग से रविवार से ‘मिशन मतीरा’ नाम से एक विशेष सेवा अभियान की शुरुआत की गई है। इस पुनीत कार्य के तहत गांव की दोनों गौशालाओं में रहने वाली गौवंश को कुल 1 टन (1000 किलोग्राम) मतीरा (तरबूज) खिलाया जाएगा। मतीरे में पानी और ग्लूकोज की प्रचुर मात्रा होने के कारण यह गर्मी में गौमाता के शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) नहीं होने देगा और उन्हें शीतलता प्रदान करेगा। इन गौभक्तों का कहना है कि इस भयंकर गर्मी में जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं बेजुबान गौवंश को हमारी सबसे ज्यादा जरूरत है। ‘मिशन मतीरा’ सिर्फ एक शुरुआत है, हम आगे भी गर्मी भर ऐसी सेवा जारी रखेंगे।






