बहुचर्चित सांवराद गोलीकांड-
पुलिस सब इंस्पेक्टर लादूसिंह पर गोलियां चला कर घायल करने के मामले में आनंदपाल के भाई सहित अन्य आरोपी बरी
लाडनूं (kalamkala.in)। थानाधिकारी लादू सिंह पर गोलियों से फायर करके उन्हें घायल करने के क्षेत्र के चर्चित मामले में आनन्दपालसिंह के भाई रूपेन्द्रपालसिंह उर्फ विक्की व अन्य को अदालत ने दोषमुक्त घोषित कर दिया है। इस मामले में जसवंतगढ पुलिस थाने में एक एफआईआर नम्बर 98/2016 दिनांक 22 जुलाई 2016 को दर्ज करवायी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दिनांक 21 जुलाई 2016 को आनन्दपाल सिंह, रूपेन्द्रपाल सिंह, आजाद सिंह, दामोदर सिंह, तेजपाल सिंह, देवेन्द्रपाल सिंह, बलवीर सिंह द्वारा डकैती की योजना बनाई जा रही थी, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस सांवराद पहुंची, तो वहां पुलिस जाब्ते पर फायरिंग की गई। यह फायरिंग उप निरीक्षक लादूसिंह पर जानलेवा हमला था, जिससे वे गोली लगने से घायल हो गये। इस मामले में पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 332, 353, 326, 307, 399, 402 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 3 पीडीपीपी एक्ट व आर्म्स एक्ट की धारा 7/25, 7/27 के तहत न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की थी। न्यायालय द्वारा इस मामले में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 27 गवाह पेश किये गये एवं 62 दस्तावेज प्रदर्शित करवाये गये। इस प्रकरण में सम्पूर्ण विचारण के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लाडनूं मो. आरिफ खान चायल द्वारा सभी मुल्जिमानों को दोषमुक्त करार दिया। इस वाद में मुल्जिमानों की ओर से एडवोकेट जयवीर सिंह दुजार एवं सुमन कंवर सांवराद द्वारा पैरवी की गई। दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि इस प्रकरण में चश्मदीद गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते। आरोपियों की पहचान तक पुलिस ने नहीं करवाई थी और सांवराद में पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के वाहन को पकड़ा था। इस मामले में कहीं भी यह साबित नहीं होता कि जिन आरोपियों को नामजद किया गया था, उन्होंने ही हमला किया और गोलियां चलाई, जबकि किसी ने उनका चेहरा व हुलिया तक नहीं देखा था।






