आत्मरक्षा की कला से आत्मविश्वास और साहस बहुगुणित होते हैं- एसपी ऋचा तोमर,
लाडनूं में 24 दिवसीय छात्रा आत्मरक्षा शिविर का शुभारंभ



लाडनूं (kalamkala.in)। जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने कहा है कि आत्मरक्षा एक कला है, जो आत्मविश्वास और साहस को बहुगुणित करती है। यह किसी भी लड़की के हौसले को बढाने वाला अमोघ अस्त्र है। वे यहां राजकीय कन्या महाविद्यालय लाडनूं में 24 दिवसीय छात्रा आत्मरक्षा शिविर के उद्घाटन समारोह में बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा, विद्यालयों-महाविद्यालयों में आयोजित होने वाले छात्रा आत्मरक्षा शिविरों की सामाजिक उपादेयता निर्विवाद है। छात्राओं को स्वयं को सशक्त बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बनना चाहिए। छात्राओं को शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक सशक्ति के साथ में आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
भीतर की शक्ति एवं सामर्थ्य में वृद्धि करे छात्राएं
उद्धाटन सत्र की अतिविशिष्ट अतिथि राजश्री कंवर शेखावत ने इस अवसर पर कहा कि नारी को किसी ओर से सहयोग एवं रक्षा की अपेक्षा करने की बजाय अपने भीतर की शक्ति एवं सामर्थ्य में वृद्धि करनी चाहिए। सभी छात्राओं को अपनी मेहनत, लग्न एवं सतत् अध्ययन के बल पर काबिल बनना चाहिए, कामयाबी स्वयं चल कर सामने आएगी। समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. गजादान चारण ने की। उन्होंने शिविर को शारीरिक क्षमता के विकास के साथ मानसिक दृढ़ता और आत्मनिर्भरता की भावना भी जागृत करने वाला बताया।
आत्मरक्षा हर छात्रा के लिए आवश्यक
विशिष्ट अतिथि पुलिस उप अधीक्षक विक्की नागपाल ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में आत्मरक्षा का अभ्यास प्रत्येक छात्रा के लिए आवश्यक है। उन्होंने नियमित अभ्यास की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि सीए नितेश माथुर ने कहा कि जिस समाज की बेटियां जितनी अधिक सबल, सक्षम एवं सशक्त होती हैं, वो समाज सहज ही मर्यादित, अनुशासित एवं सफल होता है। यह शिविर इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।शिविर में 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित छात्रा जैनब खान ने कहा कि आत्मरक्षा जैसे शिविर छात्राओं के आत्मबल को मजबूत करते हैं और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
ये रहे़गी शिविर की प्रशिक्षिकाएं
शिविर में प्रशिक्षित पुलिस कार्मिक किस्तूरी एवं सरिता तथा प्रशिक्षित महिला शिक्षक वेणु भास्कर, सुशीला कुमारी, मीना कुमारी, सुमनलता, मंजूबाला एवं शशिदत्ता सभी शिविरार्थी छात्राओं को आत्मरक्षा की आधुनिकतम तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। कार्यक्रम में एडवोकेट गोविंद सिंह कसूम्बी, अब्दुल हमीद मोयल, डॉ. दिव्या माथुर, डॉ. सुमन गोदारा, डॉ. सारिका चूंडावत, डॉ. अनिता गोदारा, डॉ. मोनिका भाटी, डॉ. रणवीर सिंह सेवग, डॉ. ओमपाल सिंह, पूर्व छात्र परिषद सचिव अफसाना बानो आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुरेन्द्र कागट ने किया।







