दूषित चूरमा और दूषित पानी पीने से एक साथ 8 बच्चे हुए बीमार,
बीदासर की ढाणी में हुआ हादसा, सुजानगढ़ में किया जा रहा है इलाज

सुजानगढ़ (kalamkala.in)। बीदासर के पास ढाणी मे काश्तकारी क़र रहे एक परिवार के 8 बच्चे एक साथ उल्टी-दस्त की बीमारी के शिकार हो गए। उन सभी बच्चों को तत्काल बीदासर के अस्पताल लाया गया, परन्तु वहां से उन्हें सुजानगढ़ के लिए रैफर कर दिया गया और 108 एम्बुलेंस द्वारा उन सबको सुजानगढ़ अस्पताल लाया गया। सुजानगढ़ अस्पताल मे़ टीम हारे का सहारा के संयोजक श्याम स्वर्णकार ने उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवा कर उनका इलाज शुरू करवाया। डॉ. कपीश सोनी, सुभाष आदि ने उनका पहुंचते ही इलाज शुरू कर दिया। इन अचानक बीमार हुए बच्चों के परिजनों के अनुसार दो भाइयों की आठ संतानें रोहित (3) पुत्र राजूराम बावरी, भगवती (2.5) पुत्री राजूराम, विजया (11) पुत्री राजूराम, अनीता (10) पुत्री राजूराम, प्रिया (10) पुत्री राजूराम, रबीना (2.5) पुत्री लालचंद, सोनाक्षी (1.5) पुत्री लालचंद, पूनम (10) पुत्री लालचंद ये आठों बच्चे खेत में बनी ढाणी में अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं। माता-पिता खेत में मजदूरी करते हैं। ये मूलतः लाछड़सर के रहने वाले है़। बच्चों के माता-पिता के अनुसार वो खेत मे कार्य क़र रहे थे तथा बच्चों ने पहले दिन का बना चूरमा खाया था। साथ ही खेत में स्प्रे करने वाले कीटनाशक लगे हाथ से पानी पीने से उन सबको उल्टी-दस्त होने लगे। फिलहाल बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है तथा बच्चे डॉक्टर की निगरानी में इलाज ले रहे हैं। इन बच्चों की यह हालत फ़ूड पोइजन में दूषित चूरमा खाने से हुई या कीटनाशक लगे हाथों से पानी पीने से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।






