लाडनूं में तीन स्थानों से निकाली गई गणगौर की सवारी, लगे छोटे मेले, बोलावणी का बड़ा मेला रविवार को



लाडनूं (kalamkala.in)। यहां लोक-आस्था के सांस्कृतिक-धार्मिक पर्व गणगौर पर तीन स्थानों पर गौर व ईशर की सवारी निकाली गई और छोटे मेलों का आयोजन किया गया। लाडनूं की प्राचीनतम परम्परानुसार गढ़ के बाहर स्थित गौर के चबूतरे पर गौर-ईशर को विराजित किया गया। इससे पूर्व सत्यनारायण मंदिर से गौर की सवारी निकाली गई और गांधी चौक में गढ़ के पास चबूतरे पर पहुंचाई गई। गांधी चौक में छोटे मेले का आयोजन किया गया। इसी प्रकार चारभुजा मंदिर से गणगौर को सेवक चौक में विराजमान किया गया। यहां भी छोटा मेला आयोजित हुआ। तीसरा मेला श्री रघुनाथ मंदिर गणगौर मेला समिति के तत्वावधान में कुम्हारों का बास में भी गणगौर की सवारी निकाली गई और शिव मंदिर के पास मेला लगा। गणगौर का बड़ा मेला, जिसे बोलावणी का मेला कहां जाता है, वह 22 मार्च रविवार को राहू कुआं और आसपास के क्षेत्र में आयोजित होगा, जहां तीनों गौर और ईशर कुआं पर लाया जाएगा। कुएं पर दर्शन-पूजन और फेरे तथा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाकर गणगौर के पर्व को सम्पन्न किया जाएगा।







