लाडनूं के गांव-गावं, ढाणी-ढाणी में देंगे आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश, 22 दिनों तक रहेगा रथयात्रा का प्रवास, ‘भारत नव निर्माण’ के लिए शांतिकुंज हरिद्वार से संचालित दिव्य ज्योति कलश रथयात्रा का लाडनूं में भव्य स्वागत

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लाडनूं के गांव-गावं, ढाणी-ढाणी में देंगे आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश, 22 दिनों तक रहेगा रथयात्रा का प्रवास,

‘भारत नव निर्माण’ के लिए शांतिकुंज हरिद्वार से संचालित दिव्य ज्योति कलश रथयात्रा का लाडनूं में भव्य स्वागत

लाडनूं (kalamkala.in)। आध्यात्मिक विकास, नशा मुक्ति, नारी सम्मान, पर्यावरण सरंक्षण के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से संचालित देशव्यापी दिव्य ज्योति रथ कलश यात्रा के लाडनूं पहुंचने पर यहां करंट बालाजी मंदिरप्रांगण में उसका भावभीना स्वागत किया गया। अखिल भारतीय गायत्री परिवार हरिद्वार के तत्वावधान संचालित इस ज्योति रथ व कलश रथ का यहां पूजन किया जाकरआरती की गई। यात्रा के साथ चल रहे संत-महात्माओं का स्वागत-सम्मान किया गया।

करंट बालाजी मंदिर व बापूजी नर्सिंग काॅलेज में हुआ स्वागत-सत्कार

शांतिकुंज हरिद्वार के यात्रा संयोजक लक्ष्मणसिंह खिंची ने यह पूजा-अर्चना करवाई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गजेन्द्रसिंह, बापूजी नर्सिंग काॅलेज के निदेशक ओमप्रकाश गुर्जर, आरएसएस के संघचालक बजरंगलाल यादव, नीतू वीर, गोपाल गुर्जर, महेश प्रकाश सांखला, डाॅ. गौतम उपाध्याय, मुकेश कुमार रूहेला, भागीरथ स्वामी, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष लादूसिंह गुर्जर, पार्षद राजेश भोजक, अमित गुर्जर आदि ने इस कलश यात्रा पर पुष्प बरसाए और पूजा अर्चना में भाग लेते हुए स्वागत किया। वहां से यह रथयात्रा जुलूस के रूप में रवाना होकर बापूजी नर्सिंग काॅलेज में पहुंची, जहां काॅलेज प्रशासन की ओर से भी यात्रा का स्वागत-सत्कार किया गया।

7 रथों द्वारा राजस्थान के 45 हजार गांवों तक पहुंचेगी रथ यात्रा

गायत्री परिवार की स्थानीय व्यवस्थापिका डाॅ. ईशा गुर्जर ने बताया कि यह यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जा रही है। शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से अखण्ड दीप प्राकट्य के शताब्दी वर्ष व माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में ‘भारत नव निर्माण’ के लिए देश भर में यह यात्रा निकाली जा रही है। डाॅ. ईशा गुर्जर ने बताया कि राजस्थान के सात संभागों के 45 हजार गांवों तक यह यात्रा 7 रथों के माध्यम से पहुंचेगी। ज्योति कलश रथ यात्रा लाडनूं उपखण्ड में 22 दिनों तक प्रवास करेगी, जिसके अन्तर्गत गांव-गावं, ढाणी-ढाणी जाकर यात्रा के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया जायेगा।

मंगलपुरा, मालासी, गोरेड़ी आदि गांवों में भ्रमण

 दूसरे दिन शुक्रवार 8 नवंबर को यह विशाल ज्योति कलश यात्रा लाडनूं की ग्राम पंचायत मंगलपुरा और उसके आस-पास के गांवों गोरडी, चकगोरडी, मालासी, खिन्दास, नटास और मंगलपुरा में भ्रमण किया गया। इस यात्रा के माध्यम से स्थानीय लोगों को ज्योति कलश के दर्शन करवाए गए और उन्हें आध्यात्मिकता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष व्यक्तियों और स्कूल के बच्चों का योगदान सराहनीय रहा। उनकी भागीदारी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे समुदाय में एक सकारात्मक और भक्ति-भावना का संचार हुआ। यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई।

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Author: kalamkala

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