लाडनूं में दशहरा का विशाल मेला बुधवार को, 35 फुट के रावण का दहन होगा, सोने की लंका जलाई जाएगी,
मेला समिति बैठक में तैयारियों को दिया गया अन्तिम रूप
लाडनूं (नरपत सिंह गौड़, रिपोर्टर)। क्षेत्र के प्रख्यात दशहरा मेला के विशाल आयोजन को लेकर एक बैठक ललित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सीताराम जी के मंदिर में हुई इस बैठक में दशहरा मेला समिति द्वारा मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आयोज्य सभी कार्यक्रमों सम्बंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। यहां हाईवे के पास स्थित करंट बालाजी मंदिर के सामने दशहरा मेला मैदान में भव्य स्वरूप में विजयादशमी पर 5 अक्टूबर बुधवार को यह दशहरा मेला आयोजित किया जाएगा। मेले के दौरान दहन किए जाने वाले रावण के पुतले का निर्माण बाहर से आये हुये कुशल कारीगरों के द्वारा किया जा रहा है। यह रावण का पुतला 35 फुट सेे अधिक ऊंचा होगा। रावण का पुतला लगभग पूरा निर्मित हो चुका है। मेला मैदान में रावण-दहन से पूर्व राम, लक्ष्मण व हनुमान बनने वाले पात्रों का आगमन भव्य रूप में करवाया जाएगा। साथ ही राम, लक्ष्मण व हनुमान का रावण के साथ युद्ध का दृश्य ये पात्र अपने प्रदर्शन के दौरान जीवन्त बनाएंगे। इस जीवन्त युद्ध की झांकी के पश्चात मेला मैदान में सजाई गई सोने की लंका तथा रावण के विशालकाय पुतले का दहन राम के अग्निबाण से किया जायेगा। इस अवसर पर आकाशीय एवं जमीनी आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन सोरगरों द्वारा लगातार किया जायेगा।
समाजसेवी पटेल का दिया जाएगा चैनरूप बच्छराज नाहटा पुरस्कार
बैठक में मेला के दौरान आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षता करने वाले तथा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का सम्मान-सत्कार पारम्परिक मारवाड़ी अंदाज में तिलक, माला, साफा आदि द्वारा किया जाना तय किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष दशहरा मेला समिति द्वारा “चैनरूप बछराज नाहटा स्मृति सम्मान” समाजसेवी रामनिवास पटेल को दिया जाना निर्धारित है। उन्हें यह सम्मान मेला कार्यक्रम के दौरान दिया जाएगा।बैठक में तय किया गया कि दशहरा मेला के दौरान मेला समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य सफेद वस्त्र धारण करेंगे और सभी समिति के बैज लगाकर पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
अब तक की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा
बैठक में मेले में अभिनय प्रस्तुत करने वाले सभी पात्र, साज-सज्जा, घोड़े-घोड़ियां, बैण्ड-बाजा, लाईटिंग, टेंट, कुर्सियां, माईक, मंच-संचालन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, यातायात, पार्किंग, चंदा संग्रहण आदि विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व में दी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा भी की गई। बैठक में बताया गया कि नगरपालिका के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले इस मेले के लिए निर्धारित मेला मैदान में नगर पालिका द्वारा जंगल की तरह से उगी हुई कंटीली झाड़ियों को जेसीबी की सहायता से हटवाया जा रहा है तथा मेला मैदान की साफ-सफाई का कार्य भी लगातार करवाया जा रहा है। इस मैदान में स्थित मंच रूपी चबूतरा एवं वृक्ष के गटा की मरम्मत एवं सफेदी पुताने का कार्य मेला समिति द्वारा करवाए गए है। बैठक के प्रारम्भ में गत बैठक की कार्यवाही का वाचन किया जाकर पुष्टि की गई। अन्त में अध्यक्ष वर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। बैठक में सुशील पीपलवा, अभयनारायण शर्मा, नरपतसिंह गौड़, विजयकुमार भोजक, वेदप्रकाश आर्य, डॉ. वीरेन्द्र भाटी, पदमकुमार अग्रवाल, जयसिंह चौहान, सीताराम टेलर, चांदकपूर सेठी, रमेेशसिंह राठौड़, सुबोध आर्य, मनोज भटनागर, निर्मल सोनी, श्यामसुन्दर अग्रवाल, नरेन्द्र भोजक, बजरंगदास आदि उपस्थित रहे।







