बादेड़ गांव को पंचायत मुख्यालय बनाने को लेकर सैंकड़ों ग्रामवासी उपखंड कार्यालय की तरफ महिला-पुरुष उमड़े, मुख्यालय बनाकर मानेंगे,
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अपना हक, मापदंड और सुविधाओं का किया बखान, धरना सातवें दिन भी रहा जारी, बंद नहीं होगा धरना-प्रदर्शन



लाडनूं (kalamkala.in)। उपखंड क्षेत्र के ग्राम बादेड़ को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन में बुधवार को सातवें दिन धरनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ी, इनमें महिलाओं की तादाद सर्वाधिक रही। उपखंड कार्यालय के सामने महिला-पुरुषों के इस उमड़े सैलाब की गुंजायमान आवाज और मांग हर किसी को प्रभावित करने वाली थी और लगने लगा कि अब तो सरकार को झुकना ही पड़ेगा। बादेड़ व बेड़ गांवों के इन लोगों की जायज मांग की उपेक्षा किया जाना भारी पड़ सकता है।
सैंकड़ों लोगों ने सौंपा एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
उपखंड कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए सभी सैंकड़ों महिला-पुरुषों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन यहां उपखण्ड अधिकारी को सौंपा और ग्राम बादेड़ को पंचायत मुख्यालय बनाने की अपनी मांग दोहराई। इस ज्ञापन में बताया गया है कि हाल में राज्य सरकार द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से पंचायतों का पुर्नगठन कर एक नोटिफिकेशन दिनांक 20.11.2025 को जिला कलेक्टर द्वारा जारी किया हुआ, जिसमें नवसृजित ग्राम पंचायत कोयल में ग्राम कोयल, बेड़ व बादेड़ को शामिल किया गया। ग्राम पंचायत मुख्यालय कोयल को बनाया जाने से ग्राम बादेड व बेड़ के आम लोगों का भारी विरोध है। क्योंकि ग्राम पंचायत मुख्यालय बने कोयल से जनसंख्या की दृष्टि से ग्राम बादेड़ बड़ा गांव है। आबादी घनत्व के अलावा वोटर लिस्ट के अनुसार भी ग्राम बादेड़ में मतदाता संख्या ज्यादा है। इस प्रकार कानूनी दृष्टि से बादेड़ पंचायत मुख्यालय बनने का हकदार हैं।
सभी मापदंडों में बादेड़ ही है पंचायत मुख्यालय बनने के योग्य
ज्ञापन में बादेड़ के मेगा हाईवे पर होने, आस पास के गावों से सम्पर्क सड़कों से जुड़ा होने, गांव में शिक्षा का साधन पर्याप्त रुप से उपलब्ध होने, सरकारी भूमि की उपलब्धता होने आदि सभी मापदण्डों से लोगों की मांग जायज है। ज्ञापन में बताया गया है कि बादेड़ गांव के चिपती ही 9 42 बीघा आबादी की भूमि स्थित है। गांव के पास ही सरकार की अन्य किस्मों की भूमियां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सामुदायिक भवन, चिकित्सा सुविधा, आवागमन के लिए रोड-कनेक्टीविटी आदि अच्छी सुविधाएं उपलब्ध है। इसलिए बादेड़ पूर्णतः सुविधाजनक और पंचायत मुख्यालय बनने योग्य है, जबकि कोयल गांव में मुख्यालय रखें जाने पर ग्रामीण व किसान वर्ग को खासी परेशानियां उठानी पड़ेगी। वहां तुलनात्मक रूप से कोई सुविधाएं विशेष नहीं हैं।
एसडीएम व कलेक्टर की रिपोर्टों में बादेड़ को बताया हकदार
पूर्व में जांच रिपोर्ट व प्रस्ताव, जो उपखण्ड अधिकारी के द्वारा जिला कलेक्टर को भेजकर जिला कलेक्टर के काउन्टर हस्ताक्षर से सरकार को भेजा गया था, उसमें ग्राम पंचायत मुख्यालय बादेड़ को ही रखा गया था। इस संदर्भ में उपखण्ड अधिकारी की जांच रिपोर्ट दिनांक 07.04.2025 को जिला कलेक्टर डीडवाना कुचामन द्वारा जारी हुई है। इस रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत मुख्यालय ग्राम बादेड को रखा गया है और यह सूचना सर्वसाधारण को राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक 15/35 पुर्नगठन / विधि/परा/2024/02/दिनांक 10.01.2025 को जारी अधिसूचना के संदर्भ में थी। इसमें पंचायत मुख्यालय ग्राम बादेड़ को उपयुक्त माना गया है। जबकि हाल ही में प्रकाशित नोटिफिकेसन में पंचायत मुख्यालय बादेड़ को हटाकर कोयल को रखा गया है, जो पूर्णतया गलत है और मुख्यालय कोयल को करने को लेकर ग्राम बादेड़ से कोई आपत्ति का भी निस्तारण नहीं किया गया है। कोयल को केवल राजनैतिक द्वेषता के कारण एवं राज्य सरकार से जारी नियमों से परे जाकर बनाया है।
लगातार दिए जा रहे हैं ज्ञापन पर ज्ञापन
कि 24 नवम्बर व 4 दिसम्बर को जिला कलेक्टर, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया था।5 से 12.2025, दिनांक 06.12.2025 व दिनांक 9 दिसम्बर तक प्रतिदिन मुख्यमंत्री को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजे जाते रहे हैं। लेकिन, इस जायज मांग पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रखा जाएगा। बुधवार को ज्ञापन देने वालों में बाकलिया ग्राम पंचायत की प्रशासक मंजू देवी, सुखराम सारण, मेवाराम पूनिया, बजरंगलाल, मूलाराम, दानाराम, छोगाराम, रामकरण पूनिया, मदनलाल बेरा, सुखदेव राम जांगिड़, हरफूल डेरा, संग्रामाराम साख, हरिराम साख, दिनेश साख, इन्द्र चंद स्वामी, विकास चौधरी, सुरजाराम, दिनेश ठोलिया एवं बड़ी संख्या में महिलाएं तथा पुरुष शामिल थे।






