‘दूध ल्यावै तो कानां जाडो-जाडो ल्याइजै, पतलो दूध जमै लो कोनी’
लाडनूं के मालियों का बास में महिलाओं ने जमकर जमाया फागण का रंग, गुलाल उड़ी, गीतों-भजनों से धूम मचाई,
पार्षद सुमित्रा आर्य के निवास पर उत्साह व आनंद के साथ किया गया ‘फागोत्सव’ का आयोजन




लाडनूं (kalamkala.in)। फागण के मस्ती भरे माहौल में सोमवार को यहां मालियों का बास में पार्षद सुमित्रा आर्य ने ‘फागोत्सव’ का आयोजन अपने निवास पर किया। महिलाओं ने इस अवसर पर रंग-गुलाल खेला और परस्पर एक-दूसरे के चेहरों को रंगों से सराबोर कर दिया। बड़े उत्साह के साथ सबने फागोत्सव मनाया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर पूजा-अर्चना के साथ यह कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम में चंग, ढोलक, मंजीरा आदि वाद्ययंत्रों के साथ धार्मिक और फागुनी गीतों-भजनों का गायन कर आनंदमय माहौल बना दिया और सबको भक्ति और मस्ती से सराबोर कर दिया। महिलाओं के गीतों ‘मुरली जोर की बजाई रै नंदलाला’, ‘कन्हैया, आज्या सामली पोली’, ‘जमनां में डर लागै रै, भर ल्यादै घड़लो’, ‘सांवरियो एकलो, कानूड़ो एकलो, दोय-दोय गूजरियां रै बीच में कानूड़ो एकलो’, ‘कानो बैठियो कदम्ब की डालियां रै, बांसुरी बजावै दे-दे तालियां रै’, ‘दूध ल्यावै तो कानां जाडो-जाडो ल्याइजै, पतलो दूध जमै लो कोनी, इयां म्हानैं राम मिलै लो कोनी’ ‘म्हारी गैलां में ढुलाय दीनी दूध की चरी, व्हारै म्हारा कानां जोरकी करी’ आदि गीतों ने समां बांध दिया। इस कार्यक्रम में पार्षद सुमित्रा आर्य, भोज कंवरी मारोठिया, किरण जांगिड़, सुमन पंवार, सावित्री गहलोत, बिंदु जांगिड़, शांति सांखला, संतरा टाक, संतोष सांखला, राधा सांखला, गीता सांखला, मूलीदेवी सांखला, भंवरी देवी चौहान, भंवरी देवी सांखला, पूर्व पार्षद पूनम आर्य, केशर सांखला, रुक्मणी सांखला, सुनीता आर्य आदि सभी महिलाओं ने आयोजन का पूरा लुत्फ उठाया। फल व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। पूरे फाल्गुन माह में यह कार्यक्रम मालियों का बास में बारी-बारी से घर-घर में आयोजित किया जाएगा।







