डेगाना की तरह रतनगढ़ में भी रेल-इंजिन बदलने की रिवर्सल सुविधा शुरू करवाई जाए
लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं से होकर गुजरने वाले रेलमार्ग के डेगाना-रतनगढ़ सेक्शन पर अनेक नई ट्रेनों के संचालन में आने वाली सबसे बड़ी बाधा के निवारण के लिए उत्तर-पश्चिमी रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य अनिल कुमार खटेड़ रेलवे से लगातार मांग करते हुए प्रयास कर रहे हैं। खटेड़ ने बताया कि रतनगढ़-डेगाना खंड से जयपुर या अजमेर के लिए ट्रेन चलाने तथा बीकानेर व सरदारशहर से इस रुट पर ट्रेन चलाने में सबसे बड़ी बाधा है कि डेगाना व रतनगढ़ जंक्शन दोनों जगह ही इंजन को बदलने यानि रिवर्सल की समस्या बनी हुई है। यही कारण है कि रेलवे अधिकारी इस समस्या का हवाला देकर इस जगहों की ट्रेनों के संचालन की अनुमति ही नहीं देते। रिवर्सल की समस्या का हल हुए बिना इस रूट पर नई ट्रेन के लिए हरी झंडी नहीं मिल सकती। खटेड़ ने बताया कि उन्होंने इसके लिए बहुत पहले प्रयास किए थे, जिससे डेगाना बाईपास स्वीकृत करवाया गया।इसका वर्तमान में सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद डीपीआर सबमिट होगी और डीपीआर के आधार पर रेलवे बोर्ड अगर इसको स्वीकृति दे देगा, तो इस सेक्शन के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू करने में तह वरदान साबित होगा। खटेड़ ने बताया कि इसी तरह रतनगढ़ बाईपास पर सुजानगढ़ की तरफ़ भी स्वीकृत हो जाए तो फिर कोई दिक्कत नहीं बचेगी। खटेड़ ने अपील की है कि उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ ही कोई भी सामाजिक संस्था, संगठन और राजनीतिक दल या लोग भी इस समस्या के समाधान में पत्रादि के द्वारा सहयोग करें तो इस मांग को सम्बल मिलेगा और काम शीघ्र कार्य संभव हो सकेगा।





