भारतीय युवा संसद 2025 में लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय की छात्रा मीनाक्षी बाफ़ना ने पूरे देश को दिखाया अपना शानदार प्रदर्शन,
13 देशों और 25 राज्यों के युवा प्रतिनिधियों ने की थी युवा संसद में शिरकत



लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय की छात्रा एवं लाडनूं के विनीत बाफना और बिंदु बाफना की पुत्री मीनाक्षी बाफ़ना ने भारतीय युवा संसद 2025 में हिस्सा लेकर लाडनूं का परचम लहराने और क्षेत्र का नाम रोशन करने पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने उसका सम्मान किया। प्रो. दूगड़ ने उसे आशीर्वाद व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो अपने लक्ष्य को नहीं चूकता और लगन व साहस के साथ मार्ग तय करता है, वहीं सबसे सफलतम होता है। उन्होंने सभी छात्राओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी इस विश्वविद्यालय की छात्रा भारतीय युवा संसद में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी। यहां शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, वक्तृत्व कला आदि पर पूरा जोर दिया जाता है।इस युवा संसद में देश के 25 राज्यों के प्रतिनिधि तथा 13 अलग-अलग देशों से युवा भाग लेने पहुंचे थे। सीमित सीटों के बावजूद मीनाक्षी का चयन इसके लिए हुआ और उन्होंने अपने उत्साह, ज्ञान व संकल्प से सिद्ध कर दिया कि युवा चाहे, तो स्वयं को उज्ज्वल भविष्य सिद्ध कर सकते हैं। इस संसद के लगातार 12 घंटों तक चलने वाले सत्रों में भी मीनाक्षी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी तेज़तर्रार कम्युनिकेशन स्किल्स, वाद-विवाद कौशल, ज्ञान और आत्मविश्वास से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर खुलकर विचार रखे तथा विशेष सत्र में राजस्थानी भाषा की मधुरता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।भारतीय युवा संसद में चर्चा का मुख्य विषय ‘इम्पोर्टेंस ऑफ आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस इन गुड गवर्नेंस’ पर मीनाक्षी ने अपने विचार सशक्ति से रखते हुए दिखाया कि नई पीढ़ी आधुनिक तकनीक का सदुपयोग कर शासन को और स्वस्थ और सुदृढ़ बना सकती है। इस युवा संसद कार्यक्रम में कई महान हस्तियाँ संसद का हिस्सा बनीं। इनमें पहले दिन के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरीभाऊ बागडे़ और जयपुर की मेयर सौम्या गुर्जर थी। दूसरे दिन लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। तीसरे दिन तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मन समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों ने युवाओं को संबोधित किया। अंतिम दिन के सत्र में मीनाक्षी बाफ़ना को सम्मान पत्र के रूप में सर्टिफ़िकेट प्रदान किया गया।मीनाक्षी बाफ़ना ने सिद्ध कर दिया कि व्यक्तिगत जीवन की परिस्थितियां एवं बाधाएं भी हौंसले और जज़्बे को रोक नहीं रोक सकतीं। उन्होंने जोश-खरोश जैन विश्वभारती संस्थान का प्रतिनिधित्व उच्च स्तर पर करके युवा शक्ति के हो
हौसले को प्रदर्शित किया।






