दीपावली पर मंदिर परिसर में किया गया सफाईकर्मियों का सम्मान, महंत गौतम दत्त शास्त्री ने विधिवत तिलकार्चन कर किया सम्मानित, पं. मनोज दाधीच व विद्या प्रकाश सैनी ने भी सम्मान कर भेदभाव मिटाया

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

दीपावली पर मंदिर परिसर में किया गया सफाईकर्मियों का सम्मान,

महंत गौतम दत्त शास्त्री ने विधिवत तिलकार्चन कर किया सम्मानित, पं. मनोज दाधीच व विद्या प्रकाश सैनी ने भी सम्मान कर भेदभाव मिटाया

सुमित्रा आर्य, सम्पादक। लाडनूं। (kalamkala.in)। भगवान राम ने राजकुल से होते हुए भी देवी अहिल्या, वनवासिनी शबरी, केवट, वानर जाति के सुग्रीव आदि तथा जामवंत वगैरह पता नहीं कितने लोगों से स्नेह किया, उनका उद्धार किया। अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोए। इस प्रकार समाज में भेदविहीनता और परस्पर सद्भाव के उदाहरण भरे पड़े हैं। समाज फिर उसी दिशा की ओर मुड़ रहा हे। भगवान राम के अयोध्या लौटने के पर्व दीपावली के अवसर पर सफाईकर्मियों का मान-सम्मान और स्वागत-सत्कार शुरू किया गया है। कोरोना के समय में मौत से भी बेख़ौफ़ होकर सेवाएं देने वाले लोगों का सम्मान पूरे समाज द्वारा किया गया था, इनमें सफाईकर्मी भी शामिल थे और उन्हें कोरोना-वीर की उपाधि दी गई थी।

लाडनूं में भी शुरू हुई दीपावली पर सम्मान की परम्परा

दीपावली पर इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए पहले पं. मनोज दाधीच ने अपने वार्ड में ऑटो टीपर चालक कै साफा, माला और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया था और इसी तरह मालियों का बास की जनता कॉलोनी में भी ऑटो टीपर ड्राइवर को साफा पहना कर व मिठाई भेंट कर सम्मान विद्या प्रकाश सैनी सांखला द्वारा किया गया। अब गढ़ के पीछे के मुरली मनोहर मंदिर वार्ड नंबर 16 में सफाई कर्मचारियों का भव्य स्वागत मंदिर के महंत गौतमदत्त शास्त्री ने समारोह पूर्वक किया। इस अवसर पर सफाई कर्मचारियों को साफा पहनाकर, मिठाई खिलाकर, शॉल ओढ़ाकर व उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। नगर पालिका के लेखाकार राजेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि यह सहानीय पहल है। इससे कर्मचारियों का हौसला बढ़ता है। महंत गौतम दत्त शास्त्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि महीने भर कार्य कर शहर की सभी गलियों और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में जुटे रहने वालों को सम्मानित करना हमारी जिम्मेदारी है। इन लोगों के पूर्वजों ने इतिहास में भी हिंदू धर्म और देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने समाज में ऐसे मेहनती लोगों के योगदान को हमेशा याद रखने की आवश्यकता बताई और कहा कि जो स्वच्छ वातावरण में हमें चैन से जीने को मिल रहा है, वह सब इन्हीं की बदौलत है। इस कार्यक्रम में पार्षद ओम सिंह मोहिल, बच्छराज नागपुरिया, पिंटुसिंह जैतमाल, राम सिंह धांधल, शंकर सिंह, आशुतोष शर्मा, राहुल सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, पवन सिंह, ओमप्रकाश पंवार आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

जैन विश्व भारती में विरल जैन दीक्षा समारोह का आयोजन, मुमुक्षु सलोनी व मुमुक्षु खुशी ने गुरुदेव से स्वीकारा संयम जीवन, मात्र दो घंटे पूर्व की घोषणा पर ग्रहण किया संन्यास, मुमुक्षु सलोनी नखत से बनी साध्वी सुकृतप्रभा

आत्मशुद्धि के लिए अहिंसा की आराधना, संयम की साधना और तप का आसेवन जरूरी- आचार्यश्री महाश्रमण, लाडनूं के विभिन्न संस्था-संगठनों ने किया ने आचार्य श्री महाश्रमण का नागरिक अभिनंदन, 2028 में रहेगा आचार्य श्री महाश्रमण का हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी का पदभ्रमण