संध्या-हवन करने से आता है व्यक्ति के जीवन में निश्चित बदलाव- डॉ. यायावर,
आर्य समाज लाडनूं में विशेष यज्ञ-सत्संग कार्यक्रम आयोजित

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय आर्य समाज मंदिर में रविवार को विशेष साप्ताहिक यज्ञ-सत्संग का आयोजन किया गया। यज्ञ में यजमान के रूप में सुरेन्द्र प्रताप आर्य ने आहुतियां प्रदान की। यज्ञ के ब्रह्मा मुनिश्री ओमदास ने वैदिक विधि से वेद-मंत्रोच्चार किया। इस अवसर पर आयोजित सत्संग के दौरान आर्य समाज के प्रधान डॉ. जगदीश यायावर सैनी ने यहां आर्य समाज मंदिर में आयोजित यज्ञ-सत्संग के दौरान सम्बोधित करते हुए यज्ञ एवं संध्योपासना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक व आत्मिक लाभ मिलता है तथा पूरा वातावरण शुद्ध होने से अन्य सभी लोगों को और यहां तक कि वनस्पतियों तक को इसका लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि संध्या करने और यज्ञ करने से व्यक्ति के जीवन में बदलाव आना शुरू हो जाता है, इसका अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिदिन सपरिवार यज्ञ में सम्मिलित होने और इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि आर्य समाज मंदिर में दैनिक यज्ञ करवाया जा रहा है। यज्ञ के ब्रह्मा मुनिश्री ओमदास ने आह्वान किया कि सभी सज्जन लोग आर्य समाज में आएं और इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का नियमित लाभ उठाएं। इस अवसर पर उन्होंने एवं भंवरदास स्वामी ने भजन प्रस्तुत किए। यज्ञ-सत्संग कार्यक्रम में सुरेन्द्र प्रताप आर्य, हीरालाल जांगिड़ दुजार, भोलाराम सांखला, ओम मुनि, राधा देवी दर्जी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।







