अपनी जमीन पर निर्माण कार्य से रोके जाने और शांतिभंग के प्रयासों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन,
गरीब विधवा ने की गुहार तो एसडीएम ने दिया न्याय का भरोसा
लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय बड़ा बास में अपनी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने के प्रयास करने एवं न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानने के मामले में गरीब विधवा ने यहां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की है। उपखंड अधिकारी मिथलेश कुमार मेघवाल ने उसे न्याय दिलवाने का भरोसा दिलाया है और कहा है कि पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को पाबंद करवा दिया जाएगा। बड़ा बास निवासी न्यामत बानो उर्फ नियामती पत्नी स्व. नवाब खां ने एसडीएम को सारे मामले से अवगत करवाते हुए अपनी स्वामित्व की कब्जासुद जमीन से बेदखल करने एवं मारपीट तक करने को उतारू लोगों को पाबंद करवाने एवं सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। अपने ज्ञापन में न्यामत बानो ने बताया है कि वह अपने मकान को तुड़वा कर इस जमीन पर फिर से निर्माण कार्य व चारदिवारी करवाना चाहती है, लेकिन असफाक पुत्र अफजल, आबिद पुत्र अफजल, भंवरी पत्नी अफजल व जरीना पत्नी हसन खां निवासी बड़ा बास मिल कर उसे वहां से हमेशा के लिए हटाने का षड्यंत्र रच कर अपनी जमीन पर काम नहीं करने दे रहे हैं और मारपीट करने व जान से मार डालने पर उतारू हैं। उसने बताया कि इस जमीन को लेकर अफजल पुत्र लाब्दी खां व जरीना पत्नी हसन खां ने वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश लाडनूं के यहां एक प्रार्थनापत्र भी दायर किया, लेकिन न्यायालय ने आदेश जारी कर उसे अस्वीकार कर दिया। न्यामत ने बताया कि यह जमीन उसके श्वसुर धन्नू खां द्वारा क्रय की हुई थी, जिसके दस्तावेज एवं भाई-बंट के कागजात उपलब्ध हैं। कमिश्नर की मौका रिपोर्ट में भी जमीन पर उसका कब्जा साबित हुआ है। नगर पालिका द्वारा बनवाए गए पड़ौस के पट्टे में भी इस जमीन को उनकी स्वामित्व की जमीन बताया गया है। कुछ लोग गुट बनाकर इस जमीन को जानबूझ कर विवादित बनाने की कोशिश कर रहे हैं तथा कोर्ट द्वारा भी उनके प्रार्थना पत्र को खारिज किए जाने के बावजूद असफाक पुत्र अफजल, आबिद पुत्र अफजल, भंवरी पत्नी अफजल व जरीना पत्नी हसन खां आदि मिल कर उसे अपनी जमीन में कोई भी निर्माण कार्य करवाने से रोकना चाहते हैं। वह अपनी जमीन के दो तरफ दीवार बनवाना चाहती है, जिसकी निर्माण सामग्री जमीन पर पड़ी है, लेकिन ये लोग मिलकर उसके साथ मारपीट करने, नुकसान पहुंचाने और जान से मार डालने पर उतारू हैं।