कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए युवाओं से राजकीय योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चैयरमेन रामगोपाल जी सुथार का लाडनूं आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए युवाओं से राजकीय योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान,

श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चैयरमेन रामगोपाल जी सुथार का लाडनूं आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान सरकार के श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार के लाडनूं आगमन पर यहां भव्य स्वागत किया गया। यहां जांगिड़ पंचायत भवन में आयोजित स्वागत समारोह में लाडनूं के समस्त विश्वकर्मा समाज के लोग, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सम्मिलित रहे। बोर्ड के चैयरमेन सुथार का स्वागत सभी ने गर्मजोशी के साथ माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में सभी समाज बंधुओं को सम्बोधित करते हुए चैयरमेन रामगोपाल सुथार ने समाज के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक उठाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में जांगिड़ समाज के अध्यक्ष नन्दलाल किजां, तहसील अध्यक्ष रामस्वरूप लदौया, मंत्री रामावतार बोदलिया, भाजपा नेता हनुमानमल जांगिड़, सत्यनारायण लदौया, भगीरथ बोदलीया, लाभचन्द किंजा, दानाराम धनेरवा, कन्हैयालाल लाल लदौया, कमलकिशौर तिरांणिया, मदन झींटावा, ओमप्रकाश, गौपाल खलवानिया, जितेन्द्र किजां, दीपक लदौया आदि उपस्थित रहे। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, समाज बंधुओं एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

जैन विश्व भारती में विरल जैन दीक्षा समारोह का आयोजन, मुमुक्षु सलोनी व मुमुक्षु खुशी ने गुरुदेव से स्वीकारा संयम जीवन, मात्र दो घंटे पूर्व की घोषणा पर ग्रहण किया संन्यास, मुमुक्षु सलोनी नखत से बनी साध्वी सुकृतप्रभा

आत्मशुद्धि के लिए अहिंसा की आराधना, संयम की साधना और तप का आसेवन जरूरी- आचार्यश्री महाश्रमण, लाडनूं के विभिन्न संस्था-संगठनों ने किया ने आचार्य श्री महाश्रमण का नागरिक अभिनंदन, 2028 में रहेगा आचार्य श्री महाश्रमण का हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी का पदभ्रमण