‘कलम कला’ कार्यालय आकर बोले दम्पति, कहा- ‘हम आत्महत्या पर मजबूर हैं’, सुनाई अपनी व्यथा,
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दम्पति की कोई सुरक्षा नहीं, आए दिन हमलों से हुए परेशान
लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं में एक युवती और उसका पति पिछले करीब एक साल से इतने परेशान हो चुके हैं कि हाईकोर्ट के सुरक्षा आदेशों के बावजूद उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है और आएदिन दोनों पति-पत्नी पर हमले होते रहते हैं। ‘कलम कला’ कार्यालय में आकर दोनों ने अपनी व्यथा सुनाई और हाईकोर्ट के आदेश सहित स्थानीय पुलिस को दी गई रिपोर्ट्स की प्रतियां देकर बताया कि उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम जरूरी है और अगर उन्हें कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई और उन पर हमले, मारपीट व अपहरण आदि के मामले ऐसे ही चलते रहे, तो उनके सामने आत्महत्या करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। वे बेहद परेशान हो चुके हैं और उन्हें कमाने-खाने का भी मौका नहीं मिल पा रहा है। उनके जो भी अदालत में मामले विचाराधीन हैं, उनमें भी उन्हें हाजिर नहीं होने दिया जा रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकियां लगातार मिल रही हैं और उनकी लगातार रेकी की जा रही है, वे जहां भी जाते हैं, उनका पीछा किया जाता है और मौका मिलते ही उन पर हमला करके पिटाई की जाती है।
यह थी पुलिस को दी गई रिपोर्ट
इस दम्पति ने बताया कि हाल ही में जैसे-तैसे करके वे लाडनूं पुलिस थाने पहुंचे और अपने साथ हुई वारदात की लिखित सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए दी, लेकिन अभी तक दर्ज नहीं हुई और कोई भी कार्रवाई भी नहीं की गई। यह रिपोर्ट पूजा (23) पत्नी लक्ष्मीनारायण माली निवासी मंगलपुरा तहसील लाडनूं ने दी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 30 जनवरी को रात्री 12 बजे करीब जब वे अपने घर में सो रहे थे, तभी मीटू, टीकू, कैलाश व राजू पुत्रगण भंवराराम जाति जाति लुहार सभी निवासी गणगौर होटल के पीछे लाडनूं और दो-तीन अन्य व्यक्तियों ने एक साथ एकराय होकर योजनाबद्ध तरीके से घर में घुसकर उनके घर के दरवाजे को खड़खड़ाया और उसे व उसके पति लक्ष्मीनारायण को गन्दी-गन्दी गालियां निकाली। जब उन्होंने गाली-गलौच करने का कारण पूछा तो इन सभी अभियुक्तगण अधिक आग-बबूला होकर उसे व उसके पति लक्ष्मीनारायण को जान से मारने पर उतारू हो गये और ऐलानियां तौर पर धमकी दी कि बाहर निकल आज तुझे व तेरे पति को जान से मारे बिना नहीं छोड़ेंगे तब वह और उसका पति दोनों वहां अपने घर से दूसरे घर में भाग गए । अन्यथा अभियुक्तगण उन दोनों को जान से मार डालते। ये अभियुक्तगण व निरमा पत्नी राजू, रहिसा पत्नी मीटू, संतोष पत्नी टीकू निवासीगण गणगौर होटल के पीछे लाडनूं द्वारा कई बार एकराय होकर उसे व उसके पति लक्ष्मीनारायण को जान से मारने की कोशिश की गई है। अभियुक्तगण निरमा पत्नी राजू, रहिसा पत्नी मीठू, संतोष पत्नि टीकू द्वारा उन्हें ऐलानिया तौर पर धमकी दी गई है कि वे उन्हें जान से मारे बिना नहीं छोड़ेंगे। अभियुक्तगण उनके साथ गम्भीर मारपीट करने पर उतारु हैं। अभियुक्तगण उन दोनों पति-पत्नी के साथ कभी भी कोई बड़ी घटना कारित कर सकते हैं। उन्हें अभियुक्तगण से जान व माल का पूरा-पूरा खतरा बना हुआ है।







