राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन, 21 सूत्रीय मांग पत्र किया तैयार
शकील अहमद उस्मानी, जर्नलिस्ट। डीडवाना (kalamkala.in)। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का समापन समारोह पूर्वक स्थानीय जांगिड़ भवन में किया गया। जिला डीडवाना-कुचामन के दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षकों की अनेक समस्याओं पर मंथन किया गया और एक 21 सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर उचित स्तर पर प्रेषित करने किया गया। शैक्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के बारे में रखे गये खुले अधिवेशन में शिक्षकों ने अपने विचार रखें व कई सुझाव दिए। जिला उपाध्यक्ष सुखाराम बीरड़ा ने संगठन के कार्यों पर प्रकाश डाला। राकेश कुमार थोरी, कार्यक्रम अधिकारी समसा शिक्षा नागौर व डीडवाना-कुचामन ने विद्यालय मे शैक्षिक वातावरण, नई शिक्षा नीति और शिक्षकों के दायित्वों का ठीक ढंग के निर्वहन के बारे में बताया। जिला कोषाध्यक्ष ने संगठन का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। जिला सम्मेलन में विचार-विमर्श के उपरान्त शिक्षकों को ग्रामीण भत्ता देने, एसीपी 9, 18, 27 के स्थान पर 8, 16, 24, 32 वर्ष की सेवा पर देने, पंचायत शिक्षकों के नियमितीकरण, कुक-कम हेल्पर के मानदेय मे यथोचित वृद्धि करने, शिक्षकों की गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्ति सहित विभिन्न सुझावों को उचित स्तर पर प्रेषित करने हेतु मांग पत्र तैयार किया गया। इसके अलावा निरमा ढाका ने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक विभाग से अनुमति के पश्चात् पत्राचार से बीएड कर रहे हैं, उन्हें प्रथम वर्ष हेतु 4 सप्ताह एवं द्वितीय वर्ष हेतु 16 सप्ताह के लिए इन्टर्नशिप संबंधित सीबीईओ/पीईईओ के अधीन करनी होती है। इस प्रकार विभाग की अनुमति लेकर पत्राचार से बीएड करने वाले कार्यरत शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से आहरित किया जाना चाहिए। जिला अध्यक्ष जवाहर चौधरी ने सभी शिक्षकों का आभार प्रकट करते हुए शिक्षक हितों के लिये सदैव तत्पर रहने का भरोसा दिलाया। मंच का संचालन राजेन्द्र बीरड़ा व धर्मेंद्र चाहर ने किया।






