झूठे मुकदमों में फंसा समझौते के नाम गिरोह बनाकर की लाखों की ठगी- संस्था को दान की हुई जमीन को विवादित बनाया और मुकदमे करके राजीनामा के नाम पर 16 लाख हड़पनेके बाद फिर 10 लाख की मांग की, इस अजीबोगरीब मामले में सुजानगढ के भूखंड को लेकर लाडनूं पुलिस ने किया मामला दर्ज
झूठे मुकदमों में फंसा समझौते के नाम गिरोह बनाकर की लाखों की ठगी-
संस्था को दान की हुई जमीन को विवादित बनाया और मुकदमे करके राजीनामा के नाम पर 16 लाख हड़पनेके बाद फिर 10 लाख की मांग की,
इस अजीबोगरीब मामले में सुजानगढ के भूखंड को लेकर लाडनूं पुलिस ने किया मामला दर्ज
जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। सुजानगढ के नया बाजार स्थित श्री करणी सेवा प्रदाता संस्थान (रजिस्टर्ड संस्था) के अध्यक्ष डॉ. करणीदान चारण पुत्र स्व. फूसदान चारण सुजानगढ से मुलजिमान द्वारा अपनी दान दी हुई भूमि को लेकर विभिन्न दीवानी व फौजदारी मुकदमे करने एवं उन मुकदमों का निपटान करने के नाम पर समझौता, मुख्यात्यारनामा करके सबको वापस लेने व खारिज करवाने की ऐवज में 16 लाख रूपए मांगे और 16 लाख रूपए प्राप्त करने के बाद फिर अपने वादे से मुकरते हुए 10 लाख और मांगते हुए साजिश रच कर धोखाधड़ी करने का एक मामला स्थानीय पुलिस ने दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में दो मुक्त्यारनामे कोलकाता से और दो इकरारनामे लाडनूं से तस्दीक सुदा शामिल हैं तथा उनकी बात की आॅडियो क्लिप तथा फोन-पे से भुगतान का रिकाॅर्ड आदि सबूत भी उपलबध हैं।
आपराधिक मुकदमा हटाने का छलावा कर 16 लाख रूपए मांगे
यह मामला डा. करणीदान चारण की रिपोर्ट पर लाडनूं पुलिस थाने में दर्ज किया गया है, जिसमें करणीदान ने बताया है कि हरिप्रसाद सारडा व उसके परिवारजनों ने जनहितकारी, लोककल्याणकारी कार्यों के लिए उनकी संस्था श्री करणी सेवा प्रदाता संस्थान सुजानगढ को सुजानगढ शहर के कसाई बाडा में स्थित एक भूखण्ड दान दिया था। इस दान दी गई भूमि को लेकर उनके व हरिप्रसाद सारडा के मध्य दिवानी व फौजदारी मुकदमें चले आ रहे हंै। इन सभी झूठे मुकदमांे को निपटाने के लिए हरिप्रसाद सारडा, नथमल सारडा पुत्रगण स्व. जानकीलाल सारडा जाति महेश्वरी व मनीष महेश्वरी पुत्र कैलाश चन्द महेश्वरी निवासीगण कोलकाता ने आपराधिक षडयंत्र करके उनके समक्ष मुकदमे निपटाने का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने उनके द्वारा दिये गये भरोसे के आधार पर उक्त प्रस्ताव को मानने की हामी कर दी। हरिप्रसाद सारडा, नथमल सारडा व मनीष महेश्वरी, जो एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं, ने छल करके ठगी करने का आपराधिक मानस बनाकर षडयंत्र रचकर पुलिस थाना सुजानगढ में दर्ज एक झूठी एफ.आई.आर सं0 117/2022 अन्तर्गत धारा 420, 467, 468, 471, 474, 120-बी भा.द.स. में झूठा फंसाकर जेल भिजवा कर आजीवन कारावास की सजा करवाने की धमकी देकर उक्त भूमि भूखण्ड के दिवानी व फौजदारी के मुकदमों को निपटाने हेतु 16 लाख रूपये हरिप्रसाद सारडा, नथमल सारडा ने मनीष महेश्वरी के मार्फत उनसे मांगे।
कोलकाता आने-जाने का खर्च भी फोन-पे से भुगतान किया
हरिप्रसाद सारडा व मनीष माहेश्वरी ने कोलकता के बडे बाजार से मनीष माहेश्वरी के मोबाईल से उनके मोबाईल पर वीडियो कॉलिंग से यह बात की, जिसके झांसे में आकर उन्होंने भरोसा कर लिया। फिर 20 अक्टूबर 2023 को मनीष महेश्वरी उनके व्यक्तिगत मिला और बताया कि हरिप्रसाद सारडा व नथमल सारडा से बात हो गई है और उन्होंने उनके (करणी दान चारण) से जुड़े सम्पूर्ण दिवानी व फौजदारी मुकदमों को निपटाने के लिये उनकी मनीष महेश्वरी की मध्यस्थता के लिए हेतु निर्देशित किया है। सहमत होने पर वह 21 अक्टूबर 2023 को कोलकता जाकर नथमल सारडा से बात करके हरिप्रसाद सारडा से मुख्त्यारनामा-आम तैयार करवाकर उनके सम्पूर्ण मामलात को निपटान करवा देगा। इन सब बातों पर विश्वास करके उसने मनीष माहेश्वरी को 25 अक्टूबर 2023 को 15 हजार 500 रूपये कोलकाता आने-जाने के खर्च पेटे फोन-पे कर दिये। फिर नथमल सारडा, हरिप्रसाद सारडा, दीप सिंह, मनीष महेश्वरी ने अगले दिन सुबह 9 बजे कोलकाता से व्हाट्सएप्प कॉल से बात की और बताया कि कल सुबह नथमल सारडा के कहे अनुसार हरिप्रसाद सारडा के द्वारा दीप सिंह पुत्र भंवर सिंह के पक्ष में मुख्त्यारनामा आम तैयार कर उन्हें (करणी दान चारण) को जरिये व्हाट्सएप्प पर भेज दिया जावेगा.
मुख्त्यारनामा की काॅपी भेजी व इकरारनामा कर 16 लाख रूपए लिए
27 अक्टूबर 2023 की शाम को नथमल सारडा, हरिप्रसाद सारडा, दीप सिंह, मनीष माहेश्वरी ने व्हाट्सएप्प से हरिप्रसाद सारडा द्वारा मुख्त्यारकर्ता की हैसियत से दीप सिंह को मुख्त्यारआम नियुक्त करने तथा उक्त मुख्त्यारनामा आम कोलकता के सीएमएमएस कोर्ट के एडवोकेट हिमाद्री चक्रबोर्ती की पहचानशुदा व पदमादास नोटेरी के रजि. के सीरियल नम्बर 38/23 में दर्ज दिनांक 27.10.2023 को प्रमाणित हुआ एक मुख्त्यारनामा भिजवाकर भरोसा दिलाया। फिर 30 अक्टूबर 2023 को हरिप्रसाद सारडा ने मनीष माहेश्वरी के मोबाईल के व्हाट्सएप्प से एक नोटेरीशुदा ‘मुख्त्यारनामा-आम’ भेजा। इससे उन सभी लोगों पर उसे पूर्ण भरोसा हो गया। फिर मुख्त्यारकर्ता नथमल सारडा व हरिप्रसाद सारडा एवं मुख्त्यारआम दीप सिंह तथा मध्यस्थ गवाह मनीष महेश्वरी ने एकराय होकर आपराधिक षडयंत्र कर 5 नवम्बर 2023 के लाडनूं में 500 रूपए के एक ई-स्टाम्प पर ईकरारनामा किया, जो कि नोटेरी पब्लिक शेर सिंह जोधा द्वारा सत्यापित किया गया। इस ईकरारनामा में दीप सिंह, मनीष माहेश्वरी ने उनसे 16 लाख रूपये में से 14 लाख रूपये उसी दिन नगद प्राप्त कर लिये तथा 2 लाख रूपये मनीष माहेश्वरी को एक माह में देना तय हुआ। बकाया राशि में से एक लाख रूपये भी मनीष माहेश्वरी को 2 दिसम्बर को फोन-पे से तथा 3 दिसम्बर को फिर शेष एक लाख रूपये मनीष माहेश्वरी को फोन-पे से अदा कर दिये और इकरारनामे से संबंधित राशि शेष नहीं रही.
इकरारनामे में लिखा सभी मुकदमे गलतफहमीवश हुए
इसके बाद उन्होंने (डा. करणीदान चारण ने) अपने फौजदारी व दिवानी प्रकरणों की निपटारन के लिए उन आरोपियों को कहा, तब मनीष माहेश्वरी ने सभी मुकदमांे (दिवानी व फौजदारी) को वापस लेने के लिए नया ‘मुख्त्यारनामा-आम’ हरिप्रसाद सारड़ा वगैरह से लाने की बात कहकर पुनः कोलकता आने-जाने के लिये खर्च मांगा। तब उन्होंने फिर सुजानगढ से कोलकता की वापसी तक की रेलवे टिकट बनाकर मनीष को दी। फिर 24 नवम्बर को नथमल सारडा, हरिप्रसाद सारडा, शंकरलाल माली पुत्र रामदेव माली, मनीष् माहेश्वरी ने एक नया मुख्त्यारनामा आम, जो मुख्तयारकर्ता हरिप्रसाद सारडा द्वारा मुख्त्यारआम शंकरलाल माली के पक्ष में कोलकता के सीएमएमएस कोर्ट के एडवोकेट टिना दास की पहचानशुदा व नोटेरी कमल कुमार पॉल द्वारा तस्दीकशुदा था, उसे व्हाट्सएप्प पर भेजा, जिससे उसेे नथमल सारडा, हरिप्रसाद सारडा, शंकरलाल माली, मनीष माहेश्वरी पर पूर्ण भरोसा हो गया कि सभी मुल्जिमान उनके समस्त फौजदारी व दिवानी मुकदमो को स्वतंत्र सहमति से प्रत्याहारित/विड्रा करना चाहते है। 5 दिसम्बर को मुख्त्यारआम शंकरलाल माली ने सभी मुकदमों को गलतफहमीवश होने का उल्लेख कर एक ईकरारनामा लाडनूं में गवाह नरेन्द्र सिंह, अभिषेक की उपस्थिति में नोटेरी शेर सिंह जोधा लाडनूं से निष्पादित करवाया। मुख्त्यारनामें में वर्णित शर्तों के आधार पर दीप सिंह ने हरिप्रसाद सारडा के कहने से उनके (करणीदान के) पक्ष में मनीष महेश्वरी व अन्य की उपस्थिति में 16 लाख रूपयें प्राप्त कर मुकदमों का निपटारा करने का वचन दिया था।
16 लाख चुकाने के बाद षड्यंत्र रच कर 10 लाख और मांग लिए
इसके बाद दिवानी व फौजदारी मामलात के प्रत्याहरण/विड्रा के लिए सभी मुल्जिमानों से बार-बार अनुरोध करने पर भी सभी मुल्जिमान टालमटोल करने लगे। 19 अप्रेल 2024 को मध्यस्थ मनीष महेश्वरी व मुख्त्यारआम दीप सिंह व मुख्त्यारआम शंकरलाल माली से मुकदमों के प्रत्याहरण/विड्रा हेतु लाडनूं में कहा, तो इन तीनों मुल्जिमानों ने इंकार करते हुए कहा कि नथमल सारडा व हरिप्रसाद सारडा ने दस लाख रूपये और लेने की मांग की है, अन्यथा उसे (करणीदान) को पुलिस थाना सुजानगढ में दर्ज एक झूठी एफ. आई.आर सं. 117/2022 में जेल भिजवा कर आजीवन कारावास की सजा करवा देंगे। उसने इस बाबत नथमल सारडा से हुई बात का एक ऑडियो भी व्हाटसप भेज कर सुनाया, जिसमंे नथमल सारडा मनीष महेश्वरी को कहता है कि ‘तुम व तुम्हारे दोनों आदमी (दीप सिंह व शंकरलाल) करणी दान चारण के खिलाफ गवाही देने हेतु जितने रूपये मांगो, हम देने के लिए तैयार हैं, आपके खाता संख्या भेजो’। स्पष्ट है कि नथमल सारडा व हरिप्रसाद सारडा ने झूठी एफ. आई. आर सं० 117/2022 पुलिस थाना सुजानगढ में येन-केन-प्रकारेण जेल भिजवाने का षडयंत्र रच कर धमकी दे रहे है तथा इसमें झूठी गवाही के लिए मनीष महेश्वरी व दोनो मुख्त्यारआम को दुष्प्रेरित कर रहे है तथा उसके द्वारा दिये गए 16 लाख रूपये भी लौटाने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर धारा 420, 409, 388, 120बी भादस के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थानाधिकारी महीराम विश्नोई स्वयं कर रहे हैं।