रामचरितमानस से जीवन को सही दिशा देने वाले आदर्श, मर्यादा और आचरण के सूत्र समाहित हैं- संतश्री क्षमाराम जी महाराज,
लाडनूं के श्री रामआनंद गौशाला में रामचरितमानस नवाह्न परायण कार्यक्रम जारी, उमड़ रहे हैं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन, संत कमलेश्वर भारती और संत अमृताराम महाराज भी रहे उपस्थित

लाडनूं (kalamkala.in)। श्री रामआनन्द गौशाला लाडनूं में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह्न परायण कार्यक्रम के दौरान शनिवार को संत स्वामी क्षमाराम जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि रामचरित मानस जीवन का सूत्र है। इसमें जीवन को सही दिशा देने वाले आदर्श, मर्यादा और आचरण के गहरे संदेश निहित हैं। श्रीरामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए अनुकरणीय व मार्गदर्शक भी है। इससे व्यक्ति जीवन मूल्यों को आत्मसात कर आदर्श जीवन जी सकता है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शनिवार को पाबोलाव धाम के महन्तश्री कमलेश्वर भारती महाराज और रामद्वारा के महन्तश्री अमृतारामजी महाराज ने भी उपस्थित रहे कर मंच एवं आयोजन की शोभा बढाई। इस आयोजन में रामचरित मानस ग्रंथ की पूजा-अर्चना और संतों का आशीर्वाद लेने वाले यजमान शनिवार को नारायण लाल स्वामी, भागीरथ जांगिड़, लालचंद नागपुरिया, दीपक सोनी, पन्नालाल प्रजापत दुजार सपत्नीक उपस्थित रहे।
उमड़े भक्तों के लिए बढ़ाई गई व्यवस्थाएं
कार्यक्रम के संयोजक हनुमानमल जांगिड़ ने बताया कि श्री रामआनन्द गौशाला में चल रहे इस नौ दिवसीय नवाह्न पारायण आयोजन में प्रतिदिन उपस्थित होने वाले श्रद्धालुओं, गौभक्तों, माताओं एवं मानस-पाठ करने वालों संख्या में बढोतरी हो रही है। उनके लिए व्यवस्था समिति द्वारा अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही है, ताकि किसी को भी कोई असुविधा नहीं हो। बाहर से आए गौभक्तों व मानस वाचकों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था की गई है। सभी शहरवासियों द्वारा कार्यक्रम के दौरान गौशाला के लिए तन, मन, धन से सहयोग किया जा रहा है। शनिवार को पूजा का संचालन सीताराम गौतम ने किया।






