जैविभा विश्वविद्यालय के दो और नए पेटेंट प्रकाशित हुए, शिक्षकों ने इजाद की नवीन डिवाइस,
बहूपयोगी सिद्ध होगी ‘शिक्षा पैटर्न विश्लेषण उपकरण’ एवं ‘स्टूडेंट आई.क्यू लेवल डिटेक्शन डिवाइस’


लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग के अन्तर्गत दो और पैटेंट भारत सरकार की ओर से प्रदान किए गए हैं। इनमें ‘शिक्षा पैटर्न विश्लेषण उपकरण’ पेटेंट प्रो. बी.एल. जैन, डॉ. अमिता जैन, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, डॉ. देवी लाल कुमावत व सुश्री स्नेहा शर्मा की ओर से स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही एक ओर पैटेंट ‘स्टूडेंट आई.क्यू. लेवल डिटेक्शन डिवाइस’ का आविष्कार शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन, डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह व डॉ. विष्णु कुमार की ओर से प्रकाशित है। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लगातार नवीन विधियों का आविष्कार करके शिक्षा क्षेत्र को तकनीक सम्पन्न बनाया जा रहा है। इस साल के पैटेंट में ‘शिक्षा पैटर्न विश्लेषण उपकरण’ एक बुद्धिमान प्रणाली है, जिसे डेटा-संचालित तकनीकों का उपयोग करके छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहार संबंधी प्रवृत्तियों और सीखने के पैटर्न की निगरानी, विश्लेषण और व्याख्या करने के लिए डिज़ाइन किया है। यह उपकरण छात्रों की व्यस्तता, क्षमताओं और जोखिम कारकों के बारे में पूर्वानुमानित अंतर्दृष्टि उत्पन्न करने के लिए सेंसर, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डेटा, उपस्थिति रिकॉर्ड, मूल्यांकन परिणाम और इंटरेक्शन लॉग को एकीकृत करता है। मशीन लर्निंग एल्गोरिदम और पैटर्न रिकग्निशन मॉडल को लागू करके, शिक्षा पैटर्न विश्लेषण उपकरण सीखने के व्यवहार में छिपे संबंधों की पहचान करता है, जिससे व्यक्तिगत निर्देश और प्रारंभिक हस्तक्षेप रणनीतियां संभव हो पाती हैं। यह प्रणाली पाठ्यक्रम अनुकूलन, अनुकूलन योग्य मूल्यांकन डिजाइन और प्रदर्शन पूर्वानुमान में शिक्षकों का समर्थन करती है। अंततः, कच्चे शैक्षणिक डेटा को शिक्षकों, संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए कार्रवाई योग्य बुद्धिमत्ता में बदलकर शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाता है। इसी तरह दूसरी डिवाइस ‘छात्र आईक्यू लेवल डिटेक्शन डिवाइस’ (SILD) एक बुद्धिमान मूल्यांकन प्रणाली है, जिसे अनुकूलक परीक्षण, व्यवहार विश्लेषण और रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग के माध्यम से संज्ञानात्मक क्षमताओं का मूल्यांकन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह डिवाइस किसी छात्र के इंटेलिजेंस क्वोशिएंट (IQ) स्तर का अनुमान लगाने के लिए मानकीकृत साइकोमेट्रिक मॉड्यूल, समस्या-समाधान कार्यों, स्मृति मूल्यांकन, तार्किक तर्क परीक्षण और पैटर्न पहचान अभ्यासों को एकीकृत करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एल्गोरिदम और सांख्यिकीय मॉडलिंग का उपयोग करके, यह प्रणाली निष्पक्ष स्कोरिंग, पूर्वाग्रह में कमी और छात्र की प्रतिक्रियाओं के आधार पर कठिनाई स्तर के स्वतः समायोजन को सुनिश्चित करती है। यह उपकरण शिक्षकों और मनोवैज्ञानिकों को संरचित संज्ञानात्मक प्रोफाइल प्रदान करता है, जो मौखिक समझ, वर्किंग मेमोरी, प्रोसेसिंग स्पीड और विश्लेषणात्मक तर्क जैसी क्षमताओं को उजागर करता है।







