लाडनूं। श्वेताम्बर जैन तेरापंथ धर्मसंघ का पर्युषण पर्व, संवत्सरी और खम्मत-खामणा का पर्व सम्पन्न हो चुका, लेकिन दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों का 12 दिवसीय पर्युषण पर्व अभी चल रहा है। संयम त्याग और आत्म शुद्धि का इस 12 दिवसीय पर्युषण पर्व के दौरान जैन दिगम्बर समाज के श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न व्रत, त्याग व उपवास का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही जैन मंदिरों में प्रतिदिन जिनेन्द्र भगवान की पूजा, भक्ति, शास्त्र-पाठ, प्रवचन, आरती व सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। इस अवसर शहर के सभी जैन मंदिरों को रोशनियों से विशेष रूप से सजाया गया है।
बड़ा जैन मंदिर में हुआ भव्य आयोजन
दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में सोलह दिवसीय सोलह कारण विधान पूजन अनुष्ठान संपन्न हुआ। दिगम्बर जैन समाज के सदस्य राज पाटनी ने बताया कि नीलम सबलावत सुपुत्री रतनी देवी बड़जात्या के सौजन्य से आयोजित इस अनुष्ठान में मंगल कलश की स्थापना के पश्चात प्रतिदिन जिनेन्द्र भगवान के कलशाभिषेक नंदीश्वर पंचमेरु पूजन, सर्व तीर्थ पूजन व देव शास्त्र गुरु की पूजन के कार्यक्रम विधानाचार्य सौरभ जैन के सान्निध्य में विधि विधान पूर्वक आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जैन समाज की रतनी देवी बड़जात्या, सुशीला कासलीवाल, पुष्पा सेठी, सुशीला सेठी, पुष्पा शास्त्री, कुसुम सेठी, शारदा गंगवाल,अंजना पाण्ड्या अनिता शास्त्री, सुशीला गंगवाल, किरण बड़जात्या, रंजू पाण्ड्या, नीलम सेठी, सुशीला गंगवाल,अनिता बड़जात्या, पुष्पा बगड़ा सुमन कासलीवाल, संतोष सेठी, सोनम पाटनी, मेरी बड़जात्या, नेसी बड़जात्या, अंतिमा सेठी आदि उपस्थित रही।
समापन के अवसर पर जिन भगवान की आरती व मंगल कलश का मंत्रोच्चार सहित विसर्जन किया गया।