सरे-बाजार लूट व जानलेवा मारपीट के मामले में 9 दिनों बाद पुलिस चेती,
विरोध स्वरूप हुए धरना-प्रदर्शन व बाजार बंद के बाद किया 3 आरोपियों को गिरफ्तार


लाडनूं (kalamkala.in)। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद करीब 10 दिनों तक पुलिस द्वारा पूर्व मीठड़ी के बाजार में हुई लूट व जानलेवा मारपीट के मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में आम जनता की ओर से सोमवार को मीठड़ी का बाजार बंद रखा गया और धरना-प्रदर्शन करके भारी विरोध जताया गया। इसके बाद गंभी चोटों के इस मामले में पुलिस सक्रिय हुई और घटना के 9 दिनों बाद पीड़ित का मेडिकल करवाया जाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 14 फरवरी को हुई थी, जिसमें इन तीनों आरोपियों और 8-10 अन्य युवकों ने मिलकर लाठियों व लोहे के सरियों से पीड़ित भगवान सिंह रींगण को मारा। इन लोगों ने उसे मीठड़ी के बाजार के बीच जमीन पर पटक-पटक कर ऊपर चढ-चढ कर मारा, उसकी रीढ की हड्डी में गंभीर चोट पहुंची। इन सबने मिलकर भगवानसिंह के साथ लाठी व सरियों से मारपीट की। यह जानलेवा हमला रूपयों के लिए हुआ था और आरोपियों ने उसकी जेब से 80 हजार रूपए जबरदस्ती लूट लिए। इस मामले में गिरफ्तारी को मांग को लेकर मीठड़ी का बाजार सोमवार को बंद रहा और भारी संख्या में लोगों ने विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एडवोकेट जगदीश सिंह राठौड़, राजेंद्र सिंह धोलिया, मंजीत पाल सिंह सांवराद, बजरंग सिंह लाछड़ी आदि ने किया। इसके बाद पुलिस ने मुलजिमानों को गिरफ्तार किया है।
इस प्रकार हुई थी वारदात
इस वारदात की पुलिस को रिपोर्ट भवानीसिंह पुत्र ओमसिंह जाति राजपूत, निवागी रींगण ने दी गई थी। इसमें लिखा गया कि उसके चाचा का लड़का भगवानसिंह पुत्र बनेसिंह निवासी रींगण रात्रि 10 बजे के आसपास अपनी होटल की आवश्यकताओं का सामान लेने के लिये 80 हजार रूपये नगद लेकर मीठड़ी के बाजार में गया था, जहां पहले से शराब के नशे में धुत सोनू कायमखानी निवासी मीठड़ी, बाबूलाल सैन व गौतम सैन निवासीगण मीठड़ी ने भगवानसिह के आड़े फिर कर उससे शराब के लिए रूपए मांगे। भगवानसिंह द्वारा उन्हें रुपये देने से मना करते हुए बताया कि वह अपनी होटल के लिये सामान खरीदने आया है, रूपयों की उसे खुद जरूरत है। तब बाबू सैन ने फोन करके दूसरे लड़कों को और बुला लिया। फिर दो गाड़ियां और 8-10 लड़के और आ गए। इन सभी ने मिलकर भगवानसिंह के साथ लाठी व सरियों से मारपीट की एवं उसकी जेब में 80 हजार रूपए लूट लिए। हो-हल्ला होने पर पास से गुजर रहे राजू व दुर्जनसिंह ने बीच-बचाव कर मुल्जिमानों के चंगुल में भगवानसिंह को छुड़वाया व अस्पताल पहुंचाया, नहीं तो वे उसे जान से मार डालते। मुल्जिमों ने जाते-जाते धमकी दी कि बीचबचाव करने लोग आ गये इसलिए अभी तो बच गए हो, मौका मिला तो आइंदा जान से मार डालेंगे। इस मामले में डीडवाना पुलिस ने डीडवाना अस्पताल में भर्ती करवा कर उसका इलाज शुरू करवाया। जसवंतगढ पुलिस ने धारा 115 (2), 126 (2), 189 (2), 304 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था।
इनका कहना है
इस मामले में तीनों नामजद आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले की जांच चल रही है, अभी मुख्य प्रकरण की गिरफ्तारियां नहीं हुई है। – जोगेन्द्र सिंह, थानाधिकारी, पुलिस थाना, जसवंतगढ।







