लाडनूं के हीरावती की चोरियों को 55 दिन बीते, ग्रामीण बोले- अब भी पुलिस के हाथ हैं रीते,
ग्रामीणों का धरना 48वें दिन भी रहा जारी, ज्ञापन देकर मांगों को फिर से दोहराया और आंदोलन तेज करने की थी चेतावनी
लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के गांव हीरावती व आसपास में गत 31 अगस्त को हुई तीन चोरी की वारदातों के बाद पिछले 47 दिनों से ग्रामीण यहां तहसील के सामने धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को 48वें दिन भी लोगों का धरना जारी है और प्रतिदिन की तरह ही धरनार्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन यहां सौंप कर अपनी मांगों को दोहराया। उपखण्ड मुख्यालय के सामने क्षेत्रवासियों द्वारा दिये जा रहे इस धरने को विभिन्न संगठनों बार संघ लाडनूं, शिक्षक संघ शेखावत राष्ट्रीय व अम्बेडकर, पेंशनर समाज लाडनूं, व्यापार मण्डल, स्वामी समाज, मेघवाल समाज, मुस्लिम समाज, निजी शिक्षण संस्थाएं व किसान संघों द्वारा सहयोग व समर्थन दिया गया। धरनार्थियों ने चेतावनी दी है कि समय रहते यदि चोरियों का खुलासा नहीं किया जाता है, तो बाजार बन्द करवाने व चक्का जाम कर आन्दोलन को उग्र रूप देने पर उन्हें बाध्य होना पड़ेगा।
55 दिन बाद भी नहीं मिल पाई पुलिस को पूरी सफलता
सर्व समाज संघर्ष समिति लाडनूं की ओर से दिए गए इस ज्ञापन में इस मामले में जबावदेह एवं जिम्मेदार अधिकारियों को कडे़ निर्देश देकर चोरी की घटनाओं पर अकुंश लगाने व पीड़ित व्यक्ति को राहत प्रदान कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि 31 अगस्त को ग्राम हिरावती में हुई चोरी की तीन वारदातों को 55 दिन बीत जाने बाद भी चोरी का खुलासा व माल बरामदगी नहीं की गई है। कई गांवों में हुई सैकड़ों घोरियों का खुलासा आज दिन तक पुलिस के द्वारा नहीं किया गया है, जिसके चलते पुलिस के प्रति आम जनता में भारी रोष व आक्रोश है। इन चोरियों के साथ ही पिछली 17 अगस्त को हिरावती में ही 3 विद्युत ट्रांसफार्मरों की चोरी की रिपोर्ट पुलिस थाना लाडनूं में दर्ज होने के बावजूद अभी तक उसका भी कोई सुराग नहीं मिला है।
ज्ञापन में फिर से उठाए अपने सभी मुद्दे
दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि हिरावती व आस पास के क्षेत्र में हुई चोरियों के प्रकरण में स्थानीय पुलिस की नाकामी के चलते जांच एस.आई.टी गठित कर करवाई जाये। चोरियों की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में व्यापक गश्त बढ़ाई जाये।ज्ञापन में स्थानीय पुलिस थाने में लम्बे समय से स्टाफ के कार्यरत होने से थानाधिकारी सहित पुलिस थाना के पूरे स्टाफ को तुरन्त प्रभाव से स्थानान्तरण किया जाने की एवं दोषी अधिकारी को निलम्बित कर जन आक्रोश को कम करने के साथ ही किसी काबिल एवं ईमानदार अधिकारी सहित अन्य पुलिस स्टाफ कर्मियों को लगाये जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही ज्ञापन में आरोप लगाए गए हैं कि लाडनूं पुलिस की मिलीभगत के कारण क्षेत्र में लगातार चोरी, नशाखोरी, वैश्यावृति, मादक पदार्थों का विक्रय आदि घटनाएं बढ रही हैं। सूचनाएं देने के बावजूद इनमें पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है। ज्ञापन की प्रतियां पुलिस महानिदेशक जयपुर, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर, जिला कलेक्टर डीडवाना एवं पुलिस अधीक्षक डीडवाना को भी भेजी गई है। ज्ञापन देने वालों में अयूब खां मोयल, सुखाराम सारण, विकास बुरड़क, तिलोकचंद खिलेरी, मदनलाल बेरा, दुर्गाराम, पूसाराम डूडी, प्रेमाराम सारण, प्रेमदास स्वामी, राम डूडी, नाथूराम आदि शामिल थे।






