जिले में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 47 एवं सहायिका के 72 रिक्त पदों पर आवेदन आमंत्रित,
लाडनूं में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 5 व सहायिका के 9 पदों के लिए मांगे गए आवेदन
डीडवाना (kalamkala.in)। जिले के अधीन आंगनबाडी केन्द्रों पर आंगनबाडी कार्यकर्ता के 47 एवं सहायिका 72 मानदेय सेवा के रिक्त पदों हेतु संबंधित परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए है। महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ओमप्रकाश ने बताया कि जिले के परियोजना कार्यालय डीडवाना के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ता के 16 व सहायिका के 16 पदों पर, कुचामन में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 5 व सहायिका के 9, लाडनूं में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 5 व सहायिका के 9, मकराना में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 10 व सहायिका के 18, नावां में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 3 व सहायिका के 7 तथा परबतसर में आंगनबाडी कार्यकर्ता के 8 व सहायिका के 13 पदों सहित आंगनबाडी कार्यकर्ता के कुल 47 एवं सहायिका के 72 रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
आवेदन प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि इन रिक्त पदों पर आवेदन करने के इच्छुक एवं पात्र आवेदक आवेदन पत्र संबंधित सीडीपीओ कार्यालय एवं विभागीय वेबसाइट https://wed.rajasthan.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं। तथा विज्ञप्ति में उल्लेखित आंगनबाडी केन्द्रों के मानदेय कार्मिकों के रिक्त पदों पर सीडीपीओ कार्यालयों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त को सांय 5 बजे तक है। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक संबंधित परियोजना कार्यालय तथा जिला कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
*पदों के लिए आवश्यक योग्यता*
किसी परिवार के मुखिया की दुर्घटना या सिलिकोसिस से मृत्यु होने पर (FIR/ PMR की रिपोर्ट के साथ सिलिकोसिस / दुर्घटना से मृत्यु होने के प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के उपरान्त) उसकी विधवा पत्नी को संबल देने के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक पात्रता रखने की स्थिति में उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उसे सीधे नियुक्ति दी जा सकेगी, बशर्ते उसके राजस्व ग्राम/वार्ड में स्थित आंगनबाडी केन्द्र पर रिक्ति विद्यमान हो। इसमें न्यूनतम आयु 18 वर्ष होगी एवं अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष लागू होगी। इस संबंध में उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास/ सीडीपीओ द्वारा समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जायेगी। उपरोक्तानुसार चयन प्रक्रिया में से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में जो सबसे कम उम्र में विधवा (विधया महिला की जन्मतिथि के आधार पर हुई हो, को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदिका के लिए पात्रता
ग्रामीण / शहरी क्षेत्र में महिला जिस आगनबाड़ी केन्द्र के लिए चयन हो रहा है उस राजस्व ग्राम/वार्ड/सर्वे क्षेत्र की स्थानीय निवासी होनी चाहिए एवं विधवा महिला व तलाकशुदा महिला को संसुराल अथवा मायके दोनों स्थानों के लिए यथानुसार स्थानीय निवासी माना जायेगा। आवेदनकर्ता महिला के घर में शौचालय होना एवं उसका नियमित उपयोग किये जाने संबंधित घोषणा आवेदन पत्र में की जाना अनिवार्य है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पद हेतु न्यूनतम बारहवी उत्तीर्ण महिला ही आवेदन कर सकती है।
आवेदिका की आयुसीमा
विज्ञप्ति प्रकाशित होने की तिथि को आ.बा. कार्यकर्ता और सहायिका के आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विशेष योग्यजन (गति आधारित – प्रमस्तिष्क घात रोगमुक्त कुष्ठ, बौनापन, तेजाब आक्रमण के पीडित, पेशीय दुष्पोषण) के प्रकरण में अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक की होगी। आंगनबाडी मानदेय सेवा का कार्मिक सेवा करते हुए यदि पुनः किसी मानदेय सेवा के लिए आवेदन करता है तो उन पर आयु सीमा की बाध्यता लागू नहीं होगी।
विधवा हेतु प्रमाण पत्र के रूप में पति की मृत्यु का प्रमाण-पत्र व पुनर्विवाह नहीं किया गया है इसका आवेदन पत्र की घोषणा में अंकन आवश्यक होगा।
दो प्रतियों में दें आवेदन
आवेदन पत्र दो प्रतियों में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में व्यक्तिशः विज्ञप्ति में अंकित अंतिम तिथि तक जमा किये जा सकेगे। कार्यालय में संबंधित कर्मचारी द्वारा आवेदन प्राप्ति की रसीद (आवेदन पत्र सहित समस्त संलग्न दस्तावेजों के पेज संख्या अंकित करवाते हुए आवेदन पत्र व समस्त दस्तावेजों पर स्वप्रमाणित करवाया जाने के साथ) आवेदनकर्ता को अवश्य देंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों का रिकार्ड रखा जाना आवश्यक होगा।
आवेदनकर्ता द्वारा आवेदन जमा करवाये जाने के पश्चात त्रुटिवश संलग्न किये जाने से वंचित किसी भी प्रकार की कमी पूर्ति हेतु संलग्न करवाये जाने वाले दस्तावेज को प्रार्थना पत्र के साथ सलंग्न कर विज्ञप्ति की अंतिम तिथि तक आवेदन पत्र में सम्मिलित करवाया जा सकेगा, परन्तु विज्ञप्ति में वर्णित आवेदन जमा करवाये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् किसी भी प्रकार के दस्तावेज को शामिल नहीं किया जायेगा।
राजस्थान राज्य से बाहर अन्य प्रदेश की आरक्षित महिला होने पर उसे आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं दिया जाएगा।






