पुलिस की नाकाबंदी को तोड़कर सुजानगढ़ से लाडनूं आ रहा शराब तस्कर फरार हुआ, अंधेरे व ताल की झाड़ियों का उठाया फायदा,
मोटर साइकिल सवार तस्कर ने मौके पर 52 पव्वा देसी शराब से भरा कट्टा छोड़ा, पुलिस ने जब्त कर शुरू कुछ कार्रवाई
लाडनूं (kalamkala.in)। सुजानगढ़ से मोटरसाइकिल पर सफेद कट्टे में भर कर शराब के पव्वे लाने वाले व्यक्ति के लिए की गई पुलिस नाकाबंदी के बावजूद आरोपी शराब से भरा कट्टा वहीं फेंक कर मौके से फरार होने में सफल रहा, पुलिस के हाथ केवल कट्टे में भरे 52 पव्वा शराब ही हाथ लगी। अब मामले को पुलिस ने धारा 19/54 राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज करकै जांच और आरोपी की तलाश शुरू की है। यह सब 16 जुलाई को रात्रि 11.30 बजे जसवंतगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र में सुजला चौराहा के पास का मामला है। जसवंतगढ़ पुलिस से महिला हैड कांस्टेबल राजकुमारी अपने साथ जाप्ता में कांस्टेबल सलीम व महिला कांस्टेबल सुबिता कुमारी सरकारी गाडी व चालक गोविन्दराम को लेकर थानाधिकारी जोगेन्द्र सिंह राठौड के साथ रवाना होकर सुजला चौराहा पर नाकाबंदी की तथा थाने से अतिरिक्त जाप्ता में कांस्टेबल सुरजाराम व मुकेश कुमार प्रजापत को भी बुला लिया। नाकाबंदी के दौरान सुजानगढ की तरफ से एक मोटर साईकल आती हुई दिखायी दी, जिसको रूकवाने का प्रयास किया, तो मोटरसाईकल चालक ने अपनी मोटरसाईकल को थोडी दूरी से ही वापिस घुमा लिया व भगाकर ले जाने लगा। तब उसकी मोटरसाईकल से एक कट्टा नीचे गिर गया। मोटर साईकल चालक का पीछा किया मगर रात्रि का वक्त होने से मोटरसाईकल चालक अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी मोटरसाईकल लेकर ताल में झाड़ियों के बीच से भाग निकला। उस व्यक्ति का पीछा कर पकडने का प्रयास विफल हो गया, क्योंकि रात्रि का वक्त होने के कारण अंधेरे में वह झाडियों में दिखायी नहीं दिया। काफी प्रयास के बाद भी उसे पकड़ा नहीं जा सका। उस व्यक्ति और उसकी मोटरसाइकिल दोनों की ही पहचान नहीं हो पाई। वह जिस स्थान पर कट्टा पटक कर भागा था, वहां से उस सफेद रंग के प्लास्टिक के कटटे को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर खोलकर देखा तो उसमें अवैध ‘ढोला मारू’ देशी सादा शराब से भरे 52 पव्वे मिले। उन सबको जप्त किया गया। फरार हुए मुल्जिम की तलाश के लिए नाकाबंदी भी करवायी गयी, पर वह नहीं मिला। पुलिस ने उस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 19/54 राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई इकबाल खां को सौंपी गई है।







