भागवत सुनने मात्र से होता है व्यक्ति का कल्याण- पं. महेश व्यास,
लाडनूं के न्यू माली मौहल्ला में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन, भव्य कलश यात्रा


लाडनूं (kalamkala.in)। यहां न्यू माली मौहल्ला जनता कॉलोनी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ मंगलवार से किया गया। स्व. रेंवतीदेवी सांखला की स्मृति में हीरालाल रामेश्वर लाल सांखला परिवार की ओर से करवाए जा रहे आयोजन का प्रारम्भ विशाल कलश यात्रा द्वारा किया गया। कलश यात्रा बस स्टैंड स्थित प्राचीन खाखीजी की बगीची मंदिर से शुरू होकर मालियों का बास होते हुए कथा स्थल पहुंची। कलश यात्रा में श्रृंगार सज्जित महिलाएं सिर पर जल से भरा कलश लेकर गाजे-बाजे के साथ चल रही थी। इस दौरान भागवत पुराण की प्रति सिर पर रख कर लाई गई। कथावाचक श्री माधवाचार्य पं. महेश व्यास डीडवाना ने कथा वाचन में पहले दिन शुकदेव जी के जन्म, परीक्षित श्राप व कपिल चरित्र पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने भागवत महात्म्य बताते हुए कहा कि भागवत को सुनने मात्र से व्यक्ति का उद्धार संभव होता है। उन्होंने बताया कि शुकदेव जी महर्षि वेदव्यास के अयोनिज पुत्र थे और 12 वर्ष तक माता के गर्भ में रहे। 12 वर्षों तक गर्भ में रहने के बाद, जब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें आश्वासन दिया कि माया का उन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा, तब वे गर्भ से बाहर निकले। शुकदेव जी पूर्व जन्म में राधा जी के निकुंज के शुक (तोता) थे। शुकदेव जी का जन्म एक दिव्य घटना थी, जिसने उन्हें ज्ञान और वैराग्य का प्रतीक बनाया।कथा ज्ञानयज्ञ के बाद 19 अगस्त मंगलवार को प्रातः 7.30 बजे हवन व पूर्णाहुति होगी। सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।रात्रि में 9 बजे से श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य जागरण व श्री श्याम संकीर्तन का कार्यक्रम गुरुदेव संत श्री कैलाशनाथ महाराज रुकनसर के सान्निध्य में होगा। भजनों के प्रवाहक गुलाबनाथ महाराज रहेंगे। कथावाचन कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 4 बजे तक किया जा रहा है।







