शहर पर कहर : पार्षदों ने रोकी विकास और सौंदर्यकरण की योजनाएं,
समूचे लाडनूं के विकास के 35 करोड़ के काम कतिपय पार्षदों की हठधर्मिता के कारण अटके,
योगक्षेम वर्ष 2026 में आचार्य श्री महाश्रमण के फरवरी में लाडनूं आगमन पर नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे विशेष बजट पर पानी फिरा



लाडनूं (kalamkala.in)। लम्बे समय से प्रतीक्षित नगर पालिका लाडनूं की बोर्ड बैठक को पार्षदों ने ही एक बार फिर अपनी पुरानी शैली दोहराते हुए शहर के करोड़ों के विकास कार्यों पर धूल फेर दी। तहसीलदार एवं अधिशाषी अधिकारी अनिरुद्ध देव पांडेय द्वारा जारी नगर पालिका मंडल की बैठक 10 दिसम्बर को एजेण्डा (कार्य सूची)- 1. योगक्षेम वर्ष 2026-27 आचार्य महाश्रमण के आगमन पर नगरपालिका द्वारा राज्य सरकार को भिजवाये गये प्रस्ताव व अन्य विकास कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति एवं वार्डो में करवाये जाने वाले विकास कार्यों पर विचार।’ के अनुसार थी। यह लाडनूं का सौभाग्य था कि भाजपा की राज्य सरकार ने 22.5 करोड़ रुपए शहर में विकास कार्यों के लिए नगर पालिका को दिए थे। इनका और इनके अलावा नगर पालिका कोष की अन्य राशि का उपयोग भी विभिन्न वार्डों में विकास कार्य करवाए जाने के लिए प्रस्तावित थे, परंतु यह शहर का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इन सब कामों पर पानी फिर गया। शहर के विकास के लिए जिन पार्षदों को जनता ने चुना था, वे ही शहर के विकास को स्वीकृत करने की प्रक्रिया से दूर हो गए। यह शायद इस नगर पालिका मंडल की आखिरी बैठक थी, जिसमें करोड़ों के काम शहर के लिए संभव थे और इस बोर्ड की वाहवाही हो सकती थी, लेकिन इस बैठक से दूर होकर पार्षदों ने ही शहर के विकास में बाधा पैदा कर दी है।
इस सब पार्षदों की रही बैठक में उपस्थिति
नगर पालिका अध्यक्ष रावत खां लाडवाण की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही इस बैठक में स्वयं रावत खां और पार्षद बाबूलाल लोहिया, अनिल सिंघी, मनसब खां, सुमित्रा आर्य, सुगरां पत्नी बिदाम बोपारी, अयूब खान व इरफान खान बैठक में उपस्थित रहे। यानि नगर विकास के प्रति इनकी सोच सकारात्मक रही थी। शेष सभी पार्षद नगर पालिका तो पहुंचे, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए और जो पार्षद बैठक में आना चाह रहे थे, उन्हें आधा घंटा के लिए रोके रखा गया। इस तरह नगर के विकास कार्यों को भली-भांति बाधित किया गया।
वे महत्वपूर्ण कार्य,जो इस बैठक में पारित होने थे
नगर पालिका की इस बैठक में जिन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति पारित की जानी थी, वे सब पूरे शहर के प्रमुख कार्य और सभी वार्डों के काम हैं। पता नहीं किस सोच के कारण पार्षदों ने इन सबको इग्नोर करते हुए अपनी राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता दर्शाई। ऐसी राजनीति भी किस काम की, जो शहर के विकास में बाधा बने। आमजन की जानकारी के लिए यहां ऐसे कामों की पूरी सूची दी जा रही है।
1. पार्षदों के प्रस्ताव अनुसार काम उपलब्ध होने की स्थिति में अधिकतम 25.00 लाख का विकास कार्य- राशि 25.00 लाख (प्रत्येक वार्ड में)
2. आरसीसी डिवाईडर निर्माण एवं स्ट्रीट लाईट पोल फिक्सिंग कार्य पुलिस थाना से सार्वजनिक निर्माण विभाग वार्ड नं. 37 – राशि 65 लाख।
3. आरसीसी डिवाईडर निर्माण एवं स्ट्रीट लाईट पोल फिक्सिंग कार्य निम्बी चौराहा से डीडवाना पुलिया सेल्फी पोईन्ट तक – राशि 120 लाख।
4. आरसीसी डिवाईडर निर्माण एवं स्ट्रीट लाईट पोल फिक्सिंग कार्य करन्ट बालाजी रोड- राशि 60 लाख।
5. सी.सी. ब्लॉक निर्माण कार्य पुर्णाराम से हमीद / समन्दर खां तक वार्ड नं. 6 मालासी रोड – राशि 85 लाख।
6. सी.सी. रोड निर्माण कार्य मांगु / निजावत खां से शहरिया बास कब्रिस्तान तक वार्ड नं. 1- राशि 150 लाख।
7. सी.सी. रोड निर्माण मय नाली निर्माण कार्य ब्राह्मी विद्यापीठ से निरमल / मोहन जी सोनी, लाल खां की ढाणी तक – राशि 160 लाख।
8. सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य लाल खां की ढाणी से जैन विश्व भारती के पिछले गेट तक – राशि 60 लाख।
9. सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य छिंपोलाई हाईमास्ट तिराहा से अनिल / धनजी सिंघी तक वार्ड नं. 42 – राशि 60 लाख।
10. सी.सी. रोड़ निर्माण मय लाईटिंग कार्य छिंपोलाई तालाब बालाजी मन्दिर से बैकुंठ मोक्ष धाम ट्रस्ट तक- राशि 55 लाख।
11. जीर्णोद्धार कार्य छिंपोलाई तालाब- राशि 50 लाख।
12. सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य राहुगेट बस स्टैण्ड – राशि 30 लाख।
13. सी.सी. रोड़ एवं डिवाईडर निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य अशोक स्तम्भ – राशि 70 लाख।
14. सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य जैन विश्व भारती रोड के गेट के दोनों साईड – राशि 35 लाख।
15. आरसीसी नाली निर्माण कार्य पुरानी रेलवे फाटक से मारूति शोरूम तक – 100 लाख।
16. आरसीसी नाली निर्माण कार्य सम्पत सोनी के घर से लाल खां की ढ़ाणी- राशि 135 लाख।
17. नगरपालिका लाडनूं में स्थित सभी सी.सी.एम.एस. पैनलों ईन्सटॉल करना एवं मरम्मत कार्य (03 वर्ष हेतु) – 40.09 लाख।
18. स्ट्रीट लाईट एवं हाई मास्ट लाईट मरम्मत कार्य विभिन्न स्थानों पर (01 वर्ष) – राशि 42.31 लाख।
19. कैमरा लगाने का कार्य – राशि 70 लाख।
20. जोरावरपुरा वाला नाला निर्माण / मरम्मत आगे तक – राशि – 20 लाख।
21. राव तालाब से मगरा बास होते हुये सुनारी रोड़ से कब्रिस्तान तक नाला निर्माण / मरम्मत – राशि 50 लाख।
22. चान्दमल सांखला से सांसी बस्ती व सिनेमा हॉल से रेलवे पुरानी फाटक तक नाला निर्माण / मरम्मत – राशि 40 लाख।
23. शहरिया बास कब्रिस्तान के पास नाला बनाने बाबत – राशि 25 लाख।
24. नाला निर्माण असलम / असगर के घर लूणजी के नोहरे से सुनारी रोड़ शमशान भूमि तक – राशि 24 लाख।
25. छिपोलाई तरफ मोक्षधाम में हॉल निर्माण कार्य – राशि 10 लाख।
26. रोड़ लाईट हेतु पोल क्रय कार्य – राशि 15 लाख।
27. रोड़ लाईट हेतु स्विच वायर कार्य – 8 लाख।
29. घर-घर कचरा संग्रहण कार्य – राशि 240 लाख।
30. शहरिया बास कब्रिस्तान में टीनशेड निर्माण कार्य – 15 लाख।
इन सभी कामों के अलावा विभिन्न वार्डों के विकास कार्यों पर भी इसी बैठक में विचार-विमर्श कर उनकी तकनीकी स्वीकृति जारी की जानी थी। ऐसे करीब 100 कार्य शहर के सभी वार्डों के रूप, जिनकी कुल लागत 12.54 करोड़ रुपए थी। यानि नगर विकास के कुल 35 करोड़ के कामों को अटकाने में पार्षद सफल रहे। पार्षदों की हठधर्मिता के चलते सभी वार्डों और आवश्यकता वाले सभी काम रुक गए है। इस प्रकार की राजनीति किस काम की, जो शहर के विकास को ठप्प कर दे।
इनका कहना है
नगर के विकास के कामों में रोड़ा अटका
शहर के हित और जनहित के लिए करोड़ों के विकास कार्यों के लिए नगर पालिका की बोर्ड बैठक रखी गई थी, लेकिन विरोध की राजनीति के चलते पार्षदों ने उसे विफल कर दिया। लगता है कि पार्षदों को आचार्य श्री महाश्रमण के आगमन व लाडनूं प्रवास से खुशी नहीं हुई है। विकास के कामों में रोडा अटकाना अच्छी बात नहीं है। – रावत खां पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका लाडनूं।
बैठक में उपस्थिति पर्याप्त नहीं हुई
नगर पालिका मंडल की बैठक में पार्षदों की पर्याप्त उपस्थिति नहीं रहने पर बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
– अनिरुद्ध देव पांडेय, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका लाडनूं।
शहर के विकास और सौंदर्यकरण की महत्वपूर्ण योजनाएं पारित नहीं हो सकी
शहर के लगभग हर क्षेत्र के लिए आवश्यक विकास कार्य इस बैठक के प्रस्ताव में शामिल थे। शहर के सौंदर्यीकरण के कार्य भी थे और लाडनूं की रिंग रोड भी प्रस्तावित थी। अगर इन्हें पारित कर दिया जाता, तो लाडनूं की तस्वीर ही बदल सकती थी।
– सुमित्रा आर्य, पार्षद, वार्ड संख्या 25, नगर पालिका लाडनूं।
पार्षदों को एजेंडा पसंद नहीं आया
राज्य सरकार ने आचार्य महाश्रमण के आगमन पर बजट भेजा था, उन विकास कार्यों पर स्वीकृति के लिए यह बैठक रखी गई थी, लेकिन बैठक में शहर के विकास के कामों को नहीं लिया गया, इसलिए पार्षदों ने बैठक में जाना नहीं पसंद किया।
– मुरलीधर सोनी, पार्षद, नगर पालिका लाडनूं।







