जसवंतगढ में जलभराव की विकट स्थिति-2, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन और अधिकारियों से की वार्ता, प्रशासन ने अविलम्ब मौका मुआयना कर समाधान का दिलाया भरोसा

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जसवंतगढ में जलभराव की विकट स्थिति- 2,

ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन और अधिकारियों से की वार्ता, प्रशासन ने अविलम्ब मौका मुआयना कर समाधान का दिलाया भरोसा

लाडनूं (kalamkala.in)। भारी बरसात के बाद जसवंतगढ़ में आम जनजीवन की खराब स्थिति से निपटने के लिए उसे जल-आपदा मानते हुए प्रशासन के समक्ष ग्रामवासियों ने तीन मांगे की गई हैं। ग्रामवासियों ने इसे लेकर कलेक्टर के नाम का एक ज्ञापन गुरुवार को यहां उपखंड अधिकारी लाडनूं को सौंपा। ग्रामवासियों ने ज्ञापन के अलावा उपखंड अधिकारी लाडनूं, बीडीओ पंचायत समिति लाडनूं और ईओ नगर पालिका लाडनूं तीनों ही अधिकारियों से वार्ता कर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत करवाया और संवेदनशीलता पूर्वक इसका संज्ञान लेकर हल के लिए आग्रह किया। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे आज ही मौके पर आकर स्थिति देखेंगे और उचित समाधान निकाला जाएगा।

ज्ञापन में जसवंतगढ़ की समस्या उठाते हुए उठाई गई समाधान की आवाज

जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन के नाम से सम्बोधित इस ज्ञापन में जसवंतगढ़ में अतिवृष्टि के कारण जलभराव से पीड़ित लोगों के घरों से जलनिकासी का प्रबन्ध करने और लाडनूं नगर पालिका एवं सुजानगढ़ नगर परिषद द्वारा छोड़े जा रहे पानी को जसवंतगढ़ तक पहुंचने से रोकने की मांग करते हुए बताया गया है कि लाडनूं तहसील के जसवंतगढ़ कस्बे में अतिवृष्टि के कारण जलभराव की भयंकर स्थिति बन चुकी है। गांव के सभी मोहल्लों में जगह-जगह जल भराव है। कस्बे के वार्ड नंबर एक और दो का जमीनी लेवल नीचे होने से इंदिरा कॉलोनी वार्ड नंबर 1 के कई मकानों और उनके आसपास के बाड़ों में जल भराव हो चुका है। कुछ गलियों में आवाजाही अवरुद्ध है। इस क्षेत्र की रिपोर्ट मंगवाई जाकर कृपया तुरंत जल निकासी का प्रबंध करवाएं। यहां आम जनजीवन ठप्प हो गया है। घरों के अंदर जलचौस के सीवरेज टैंक भी पानी से भर चुके हैं और जमीन के नीचे से भी पानी वापस निकलने लगा है।एक तरफ मौसम की मार है और दूसरी तरफ लाडजूं नगर पालिका का और सुजानगढ़ नगर परिषद द्वारा भी जसवंतगढ़ के ताल में पानी छोड़ा जा रहा है। लाडनूं नगर पलिका द्वारा छोड़ा गया पानी कस्बे के वार्ड नंबर एक तक पहुंच गया है। इस पानी को तुरंत रोकने का प्रबंध करें, अन्यथा इन बस्तियों में रह रहे घरों को भारी नुकसान पहुंचेगा, जनहानि भी घटित हो सकती है। इस क्षेत्र के कई घरों में गम्भीर दरारें आ चुकी हैं और दीवारें भी गिरी हैं। इसलिए लाडनूं और सुजानगढ़ द्वारा छोड़े जा रहे पानी को जसवंतगढ़ पहुंचने से रोका जाए और इन बस्तियों में से जल भराव की निकासी का प्रबंध करवाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और और उनके घर भी सुरक्षित रहे।

इन सबने किए ज्ञापन पर हस्ताक्षर

इस ज्ञापन पर वार्ड संख्या 1 के पंच सुभाष स्वामी, बंशीधर, अंजनी कुमार सारस्वत, मुकेश प्रजापत, धनराज, राधवेन्द्र गौड़, सीताराम दर्जी, फारुख मोहम्मद, रामलाल, निर्मल सोनी, शंकर सोनी, अश्विनी सोनी, मुन्नालाल सोनी, सीमा रिणवा, राजुराम जाट, मनीषा, जगदीश, पुखराज सोनी, मोहनलाल, मुकेश, विजयपाल डारा, विजय सिंह, प्रशान्त, भगवती प्रसाद, नरपतसिंह, विष्णु स्वामी, नेमाराम, कुशालचंद, भारत बालोदिया, महावीर शर्मा, भगवान सिंह, घनश्याम शर्मा, सायरसिंह, रवि सैन, पूजा शर्मा, नथमल सोनी, महेंद्र, नरेंद्र कुमार, सुल्तान खां, सौयब आदि शामिल हैं।

अधिकारियों से वार्ता कर उठाई ये सब मांगें

यहां अधिकारियों से वार्ता के दौरान ग्रामीण प्रतिनिधियों ने उनके समक्ष स्थिति रखते हुए बताया कि लाडनूं से जो पानी जसवंतगढ़ की बस्तियों में आता है, उसे तत्काल आने से रोका जाए।सुजानगढ़ नगर परिषद द्वारा छोड़ जाने वाला पानी भी जसवंतगढ़ गांव तक नहीं पहुंचे, इसका प्रबंध किया जाना चाहिए। जसवंतगढ गांव के अंदर जहां-जहां जल भराव हुआ है, वहां से पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए। यह वार्ता करने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता अंजनी कुमार सारस्वत, वार्ड पंच सुभाष स्वामी, पूर्व वार्ड पंच बंशीलाल मेघवाल, इस्माइल लखारा, सीताराम टेलर, राघवेंद्र गौड़, किशन गुर्जर, रामावतार स्वामी, पप्पू लौहार, जावाल राणा, फारुख सिलावट, यूनुस सिलावट, जगदीश सारस्वत, पप्पू राव, धनराज शर्मा, शोएब गौरी आदि शामिल रहे।

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Author: kalamkala

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