सावण की भक्ति का जोश बालकों में भी उमड़ा, मालियों का बास से बाल-कांवड़ियों ने पैदल कांवड़ लाकर किया शिव का अभिषेक

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सावण की भक्ति का जोश बालकों में भी उमड़ा,

मालियों का बास से बाल-कांवड़ियों ने पैदल कांवड़ लाकर किया शिव का अभिषेक

लाडनूं (kalamkala.in)। श्रावण मास में शिवभक्ति का अनुपम माहौल बन जाता है। मंदिरों ही नहीं सभी घरों में भी शिवपूजन का आलम बना हुआ है। जगह-जगह युवक कांवड़ में दूर-दूर से जल भर कर लाते हैं और शिव मंदिरों में शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस भक्तिमय वातावरण में केवल महिलाओं, युवाओं में ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी भक्ति का अपार उत्साह बना हुआ है। नन्हें-मुन्ने बच्चों में भी कांवड़ ले जाने और जल भर कर लाकर शिव का अभिषेक करने की भावना हिलोरें ले रही हैं।
रविवार को मालियों का बास में भी छोटे बच्चों ने भक्ति का साहस दिखाया और सज-धज कर कांवड़िए बन कर कांवड़ को सजा कर कंधे पर धर कर रवाना हुए। रविवार को पार्षद सुमित्रा आर्य ने इन बाल-कांवड़ियों को रवाना किया। इन कांवड़धारी बच्चों में अभिनव प॑वार, उत्कर्ष प॑वार, पीयूष गहलोत, गौरव जा॑गीड, भव्य जा॑गीड, तनु जा॑गीड, सुमित सा॑खला, प॑कज यादव, खुशबू यादव शामिल रहे। इस अवसर पर सुमन पंवार, पूजा पंवार, खुशबू, श्याम पंवार आदि उपस्थित रहे। इन बाल कांवड़ियों ने मालियों का बास से पैदल करंट बालाजी मंदिर पहुंच कर वहां से कांवड़ में जल भरा और बस स्टेंड स्थित खाखीजी की बगीची स्थित शिवालय में शिव का जलाभिषेक किया।

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Author: kalamkala

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