बिज़नेस

kalamkala

कलम कला की विशेष रिपोर्ट-  (आओ चिंतन करें) ‘सेठाणा गांव’ रहे लाडनूं के पिछड़ते व्यापार को कैसे पंख लगाए जाएं? व्यापारी जनहित का रवैया अपनाएं, सामाजिक सरोकारों को महत्व दें और फिर आगे बढें (लाडनूं से वरिष्ट पत्रकार जगदीश यायावर की कलम से)

शहर चुनें

Follow Us Now