समाजसेवी भामाशाह गोविंद बालान की मानवीय संवेदनाएं, सहानुभूति, सहयोग और नि:स्वार्थ भाव बने सबके लिए प्रेरणा,
तंवरा में अनाथ बेटी की शादी के समस्त रस्मोरिवाज, भोजनादि, दहेज-उपहार, विदाई तक के सारे खर्च कर कायम की मिसाल

लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के तंवरा गांव में एक अनाथ दुल्हन रेखा की शादी का सारा खर्च वहन करके एक भामाशाह गोविन्द बालान ने समाज के समक्ष मानवीय संवेदना की मिसाल प्रस्तुत की है। अपने माता-पिता दोनों को खो चुकी रेखा की शादी का संपूर्ण खर्च गोविन्द बालान ने उठाया है और उसकी विदाई तक की सारी जिम्मेदारी लेकर समाजसेवा और मानवता का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे देखकर लोग भावुक हो गए। दुल्हन रेखा के माता सुगना देवी और पिता रामदेव बारोसा के निधन के बाद परिवार आर्थिक एवं सामाजिक संकट से जूझ रहा था, लेकिन ऐसे कठिन समय में गोविन्द बालान आगे आए और उन्होंने उसकी शादी का पूरा खर्च उठाया और रेखा को सम्मानजनक विदाई दिलाने का भी जिम्मा अपने हाथ में लिया। समाजसेवी जितेन्द्र जिलोयो ने बताया कि गोविन्द बालान ने दुल्हन रेखा को सभी आवश्यक सामान, दहेज, सोने-चांदी के आभूषण आदि उपलब्ध कराए हैं। साथ ही बारातियों के खान-पान से लेकर शादी के सभी कार्यक्रमों तक का संपूर्ण खर्च भी स्वयं वहन किया। गांव और आस-पास के क्षेत्र में इस सामाजिक पहल की खूब सराहना की जा रही है। गांव-वासियों का कहना है कि जब कोई बेटी मुश्किल में होती है, तो समाज का कर्तव्य बनता है कि उसके साथ खड़े रहें। गोविन्द बालान ने संकट में साथ देकर साबित कर दिया कि मानवता आज भी जिंदा है। रेखा की शादी पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर आशीर्वाद दिया। बालान के इस कदम को समाज द्वारा प्रेरणादायक माना जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि गोविन्द बालान जैसे भामाशाह हर समाज में पैदा होने चाहिए, जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव आगे रहते हैं। इस नेक कार्य ने तंवरा गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में गोविन्द ने अनाथ बेटियों के प्रति संवेदना और सहयोग की नई मिसाल कायम की है।







