फंदे से झूली सात माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत मामले में पीहर पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप,
लाडनूं के कुम्हारों का बास का है मामला, मृतका आशा की मासूम बच्ची को देख कर छलके लोगों के आंसू


लाडनूं (kalamkala.in)। घर की कलह बर्बादी और मौत का बड़ा कारण बन कर सामने आती है। ऐसा ही कुछ लाडनूं के कुम्हारों का बास में एक गर्भवती विवाहिता के फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी इहलीला समाप्त करने के मामले में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि इस विवाहिता युवती ने जहां फंदा लगाया, वहां दो रस्सियां लटक रही थी, अनुमान है कि वे मां-बेटी दोनों एक साथ उन रस्सियों पर लटकी थी, लेकिन ऐनवक्त पर बालिका की रस्सी के फंदे की गांठें खुल जाने से वह बच गई। लेकिन, महिला के गर्भस्थ बच्चे की मौत उसके साथ ही हो गई। यह 24 वर्षीया युवती आशा देवी प्रजापत यहां कुम्हारों का बास में रहने वाले प्रकाश प्रजापत की पत्नी थी। उसके फांसी पर लटके होने की जानकारी मिलने पर उसका पति उसके शव को लेकर यहां राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचा, लेकिन चिकित्सकों ने आशा को मृत घोषित कर दिया। इस सात माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले से लोगों में सनसनी और शोक की लहर छा गई, वहीं मृतका की करीब तीन वर्ष की मासूम पुत्री को देखकर परिजनों और मोहल्लेवासियों की आंखें नम हो गईं।
घटना वाले कमरे को किया पुलिस ने तालाबंद और सील्ड
घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल एवं मौके पर लाडनूं पुलिस थाने से सहायक पुलिस निरीक्षक चेतराम व अन्य पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। एसआई राजेंद्र गिला एवं एएसआई गजेंद्र सिंह चारण सहित पुलिस टीम ने मृतका के पति को साथ लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिस कमरे में घटना हुई, उसे सील कर ताला लगा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पूरे मामले की जांच में पुलिस कर रही है। आत्महत्या के कारणों की भी जांच की जा रही है।पुलिस के अनुसार घटना के समय मृतका की सास बालीदेवी किसी बैठक में सांडवा गई हुई थी। मामले की जांच डीडवाना पुलिस उपाधीक्षक जेठूसिंह कर्णावत कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पति और सास के विरुद्ध दी दहेज हत्या की रिपोर्ट
इधर मृतका के पीहर पक्ष ने पति और सास पर दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करने तथा हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार सुजानगढ़ निवासी विनोद प्रजापत पुत्र नेमीचंद अड़वालिया ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी छोटी बहन आशा प्रजापत का विवाह करीब पांच वर्ष पूर्व लाडनूं के कुहारों का बास निवासी प्रकाश नागपुरिया पुत्र रामेश्वरलाल प्रजापत के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति प्रकाश नागपुरिया तथा सास बालीदेवी कम दहेज लाने के ताने देते हुए उसके साथ मारपीट करते थे। परिवादी ने बताया कि कई बार दोनों पक्षों के लोगों ने समझाइश कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला।
पहले भी मारपीट की और हुआ था गर्भपात
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब एक वर्ष पूर्व आशा गर्भवती थी, उस दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी, जिससे गर्भपात हो गया था। परिजनों के अनुसार करीब 10 से 12 दिन पहले भी आशा के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद उसका भाई उसे तथा उसकी पुत्री हिमानी को अपने साथ सुजानगढ़ ले गया था। बाद में 31 मई को पति प्रकाश नागपुरिया उसे वापस लेने पहुंचा। परिवार की समझाइश के बाद आशा को उसके पति के साथ पुनः लाडनूं भेज दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार एक जून को आशा की अपनी बहन रितिका से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान वो रो रही थी और उसने कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दिए जाने की बात कही थी। इसके बाद मंगलवार को परिजनों को सूचना मिली कि आशा की तबीयत खराब है। सूचना पर परिजन लाडनूं पहुंचे, तो अस्पताल में उन्हें आशा की मौत की जानकारी मिली। मृतका के भाई विनोद प्रजापत ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की दहेज की मांग को लेकर हत्या की गई है। उसने बताया कि आशा करीब सात माह की गर्भवती थी। पीहर पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
साढे तीन साल की बालिका ने खोया अपनी मां का साया
अचानक बिना मां के हुई मृतका आशा प्रजापत की पुत्री मासूम हिमानी को देखकर लोगों के आंसू छलक पड़े। मृतका आशा की यह करीब साढ़े तीन वर्ष की पुत्री हिमानी एक निजी प्ले स्कूल में अध्ययनरत है। परिजनों के अनुसार नवंबर 2025 में ही उसका तीसरा जन्मदिन परिवार ने उत्साह के साथ मनाया था। जन्मदिन की तस्वीरों में मां-बाप के साथ मुस्कुराती हिमानी आज मां के साये से वंचित हो गई है। अस्पताल और मोहल्ले में मौजूद लोगों की नजर जब मासूम बच्ची पर पड़ी तो कई लोगों की आंखें नम हो गईं। लोगों का कहना था कि इस दु:खद घटना में सबसे बड़ी पीड़ा उस बच्ची को मिली है, जिसने इतनी छोटी उम्र में अपनी मां को खो दिया।







