लाडनूं पंचायत समिति में करोड़ों की धांधली, कमीशनखोरी, मनमर्जी, अधिकारियों को डराने-दबाने के गंभीर आरोप,
प्रधान के खिलाफ जांच कमेटी द्वारा जांच-पड़ताल करवाने की मांग, भाजपा नेता जगदीश सिंह ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन
लाडनूं/ डीडवाना (kalamkala.in)। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक जगदीश सिंह राठौड़ एडवोकेट ने लाडनूं पंचायत समिति में चल रहे घोटालों, मनमर्जी, असंवैधानिक कार्यों आदि को लेकर जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत को ज्ञापन देकर पंचायत समिति लाडनूं को SFC-VI व FFC योजनाओं में आंवटित राशि की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने अपने ज्ञापन में पंचायत समिति प्रधान और विधायक पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और लगातार पांच सालों से भ्रष्टाचार करने और अब फिर प्रयास करने का खुलासा किया है। कलेक्टर से अपने ज्ञापन पर पूरी चर्चा करते हुए राठौड़ ने प्रधान की कार्रगुजारियों पर रोक लगाने और एक जांच कमेटी गठित कर जांच करवाने की मांग की है।
प्रधान पर लगाया 19 करोड़ की बंदरबांट आधी ग्राम पंचायतों में करने का आरोप
उन्होंने अपने ज्ञापन में बताया है कि राज्य सरकार ने सन् 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 व 2025-26 वर्ष में FFC, SFC-VI में 18 करोड 83 लाख 20 हजार रूपये आवंटित किये। यह राशि 34 ग्राम पंचायतों की जनसंख्या अनुसार आवंटित हुई थी, इस राशि में प्रत्येक ग्राम पंचायत का हिस्सा था। उन्होंने आरोप लगाते हुए ज्ञापन में बताया है कि हनुमानाराम कासनिया प्रधान होने के नाते पंचायत समिति की प्रशासनिक एवं वित कमेटी का अध्यक्ष भी हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त होकर 2021 से 2025 तक चुनिन्दा पंचायतों को आवंटित राशि का 10 प्रतिशत कमीशन लेकर विकास कार्यों के लिये राशि आवंटन की, जो इस प्रकार है- ग्राम पंचायत निम्बी जोधां 117 करोड़, सारड़ी 103 करोड़, लेडी 101.90 करोड़, बालसमंद 94.50 लाख, रताऊ 90 लाख, आसोटा 87.50 लाख, सांवराद 83.50 लाख, सुनारी 83.85 लाख, उदरासर 82.50 लाख, चंद्राई 77.65 लाख, ओड़ीन्ट 77.50 लाख, घ्यावा 76.50 लाख, लाछड़ी 65.70 लाख, दुजार 63.50 लाख, भिडासरी 63 लाख, गैनाणा 56 लाख व मालगांव 50 लाख। इस प्रकार प्रधान ने इन ग्राम पंचायतों के सरपंचों से 10 प्रतिशत कमीशन लेकर राशि आवंटन की। यह राशि नियमों के विपरीत की गई। शेष ग्राम पंचायतों के अधिकार को मारकर इन ग्राम पंचायतों को राशि आवंटन की गई। उन्होंने लिखा है कि आज इन ग्राम पंचायतों के सरपंच इस बात के लिये इनकार भी कर सकते हैं कि हमने प्रधान को कमीशन नहीं दिया, जबकि वस्तुस्थिति यह है कि इन ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने कमीशन देकर स्वीकृतियां जारी करवाई है। पंचायत समिति की शेष पंचायतों के सरपंचों ने प्रधान को कमीशन नहीं दिया, इसलिये पिछले 6 वर्षों से उन्हें 30 लाख से कम राशि आंवटन की। एक ग्राम पंचायत कसुम्बी है, जो सबसे बड़ी पंचायत है, लेकिन उसको 1 रूपये का भी आवंटन नहीं हुआ।
सिर्फ पूर्व लाभभोगी 14 ग्राम पंचायतों को 2.56 करोड़ पारित करने का दबाव बना ईमानदार बीडीओ पर लाए निंदा प्रस्ताव
ज्ञापन में बताया गया है कि प्रधान ने वर्ष 2025-26 के लिये विकास कार्यों के लिये 14 ग्राम पंचायतों के 2 करोड 56 लाख के प्रस्ताव भेजे कि इनकी स्वीकृति जारी करें। यह प्रस्ताव करीब-करीब उन्हीं ग्राम पंचायतों के थे, जिनको पूर्व में प्रधान द्वारा भारी राशि का आवंटन किया गया।14 अगस्त को पंचायत समिति की साधारण सभा हुई, जिसमें विधायक ने भी भाग लिया और सबने मिलकर विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी पर दबाव बनाया कि इस 2 करोड 56 लाख की स्वीकृतियां जारी करें। वर्तमान विकास अधिकारी ईमानदार छवि की अधिकारी होने से उसने स्वीकृतियां जारी करने से इनकार कर दिया कि पूर्व में जिन ग्राम पंचायतो को लाखों-करोडों रूपये आवंटित कर दिये, उन्हीं पंचायतों के प्रस्ताव पुनः भेज दिये हैं, इसलिये स्वीकृति जारी नही कर सकती। उन्होंने कहा कि वे उन ग्राम पंचायतों में स्वीकृति जारी कर सकती हैं, जिनको गत 5 वर्षों में कम राशि आवंटित हुई है। 14 अगस्त की इस बैठक में अधिकांश सदस्य एक ही बिरादरी के थे और विकास अधिकारी को जोर-जोर से बोलकर प्रताड़ित करने की कोशिश कर रहे थे। विधायक ने बदनियति पूर्वक विकास अधिकारी के विरूद्ध निन्दा प्रस्ताव अपने समर्थकों से पास करवाया, जो गलत था। यह विकास अधिकारी पर दबाव बनाने की कार्यवाही की गई, जिस पर विकास अधिकारी ने असहमति को नोट लगाकर कार्यवाही जिला परिषद को प्रेषित कर दी।
2020 से लगातार मनमानी, जांच कमेटी गठित की जाए
इस पंचायत समिति में पूर्व विकास अधिकारी भंवराराम कालवी, राजेश्वरी यादव व गणेशाराम कार्यकारी विकास अधिकारी ने भ्रष्टाचार में लिप्त होकर स्वीकृतियां जारी की थीं। वर्तमान विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी ईमानदार व स्वच्छ छवि की अधिकारी हैं, जिन्होंने इस पंचायत समिति में व्यापक रूप से चल रहे भ्रष्टाचार को रोका है। इससे कुंठित होकर इनके विरूद्ध निन्दा प्रस्ताव पारित किया गया है। सन् 2020 से लेकर 2024 तक पंचायत समिति में प्रधान के माध्यम से व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। सरपचों को मनमानी राशि का आवंटन किया है। अतः प्रधान के कार्यकलापों एवं 50 लाख से उपर जिन सरपंचों को राशि आवंटन की जाने के आधार की की जांच एक कमेटी का गठन कर सीओ जिला परिषद को जांच करवाने के आदेश प्रदान कराए जाएं। राठौड़ ने इस पत्र की प्रति जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी भेजी है।







