मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम वैदिक संस्कृति के आदर्श- विदुषी अंजलि आर्य,
लाडनूं के मालियों का बास में श्रीराम कथा का आयोजन, यज्ञ व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया शुभारंभ




लाडनूं (kalamkala.in)। आर्य समाज संस्थान लाडनूं के तत्वावधान में मालियों के बास स्थित सैनी अतिथि भवन में चार दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ गुरुवार को किया गया। कथा वाचन कार्यक्रम में आर्या विदुषी सुश्री अंजलि आर्य के सुमधुर वाणी ने कथावाचन किया। अंजलि आर्य ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र को उकेरते हुए उनके गुणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम व वैदिक संस्कृति का आदर्श बताया और कहा कि उनके अनुसरण से ही भारत का भाग्योदय संभव है। अंजलि आर्य द्वारा प्रस्तुत आध्यात्मिक विचारों और प्रेरणादायक वचनों ने लोगों ने खूब सराहा।
यज्ञ में शामिल हुए अनेक सपत्नीक यजमान
कथा प्रारम्भ से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ में सामुहिक आहुतियां दी गई। इस प्रातः कालीन यज्ञ में ब्रह्मा की भूमिका विदुषी अंजली आर्य ने निभाई। साथ ही बरेली के भजनोपदेशक पंडित भानु प्रकाश शास्त्री ने अपनी प्रस्तुति में यज्ञ की महिमा का बखान किया और बताया कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में प्रतिदिन यज्ञ करने की जीवन शैली में अपनाना चाहिए। गुरुवार को हुए यज्ञ में यजमान के रूप में डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल, सतीश कुमार शर्मा, हरजी सैनिक, संदीप पंवार, डालमचंद सांखला, करणपाल सिंह चौहान, दीपक दिलोया,व एवं भंवरलाल दिलोया ने सपत्नीक शामिल रहे।
20 जुलाई तक होगा प्रतिदिन कार्यक्रम
कार्यक्रम में संयोजक प्रेम प्रकाश आर्य ने बताया कि श्रीराम कथा 17 जुलाई से शुरू हुई है, जो 20 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4.30 बजे तक होगी। प्रतिदिन हवन यज्ञ के साथ रात्रि कालीन 8 से 10 बजे तक भजन संध्या आयोजित होगी। आयोजन में भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से धर्म, आस्था और जीवन मूल्यों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आर्य समाज लाडनूं का यह प्रयास निश्चित ही समाज को आध्यात्मिक दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
इन सबकी रही उपस्थिति
यज्ञ आयोजन एवं कथा वाचन कार्यक्रम के प्रथम दिवस आर्यसमाज संस्थान के अध्यक्ष नोपाराम दिलोया, मंत्री यशपाल आर्य, महाचन्द टाक, सुखवीर आर्य एवं बाबूलाल तिवारी बच्छराज सांखला, संजीव प्रकाश आर्य, आनंद प्रकाश आर्य राधाकृष्ण चौहान, ललित टाक, भंवरलाल माहावर, रघुवीर सिंह राठौड़, मुरली मनोहर सैनी तथा क्षेत्र के श्रद्धालु महिला-पुरुष उपस्थित रहे।





