काल का पंजा लहराया, छह जनों को मौत की नींद सुलाया,
एक ही दिन में दो परिवारों के 6 जनों की मौत से थर्राया लाडनूं शहर, हर किसी को झकझोर डाला इन दोनों वाकयों ने,
सड़क हादसे में तीन मां-बेटियों की जान गई, दूसरी तरफ मां की मौत के बाद बेटी और बेटे ने जान दी



लाडनूं (kalamkala.in)। शहर के हाईवे के इर्द-गिर्द रहने वाले दो परिवारों के साथ एक ही दिन में हृदय-विदारक अनहोनी घटित हुई, जिसमें दोनों परिवारों को अपने परिवार के तीन-तीन सदस्यों को खोना पड़ा। शिक्षा विभाग में कार्यरत घनश्याम स्वामी की माता की मौत के बाद उनकी बहिन और छोटे भाई की मौत ने उन्हें ही नहीं पूरे शहरवासियों को अंदर तक से हिला कर रख दिया। जिसने भी इस बारे में सुना उसे इस घटना ने झकझोर डाला है। इस अनहोनी के कारण यहां चारों तरफ शोक की लहर फैल गई। इसी तरह से एक ही परिवार से तीन जनों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इसमें स्कूटी लेकर आ रही मां-बेटियों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला डाला और काफी दूरी तक घसीट डाला। इस हादसे में दो बहिनों की मौत हो गई और एक बहिन व माता को गंभीर होने से यहां से रैफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह इस परिवार से भी एक ही दिन में तीन जनों की मौत हो गई।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक पर गिरी अनहोनी की गाज
एक हादसे में यहां हाईवे के पास जनता कॉलोनी में भारत माता मंदिर के सामने रहने वाले शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक घनश्याम स्वामी की माता के बीमार होने से उसका इलाज सुजानगढ़ के अस्पताल में करवाया गया, फिर गंभीर होने से वहां से उसे सीकर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कुम्हारों का बास में पुत्री के पास रहने वाली इस वृद्धा को न्यूमोनिया और सांस की परेशानी होने के कारण सीकर भर्ती करवाया गया था। माता की मौत की खबर जब पुत्री को मिली तो उसने अतीव दु:ख के कारण दम तोड़ दिया और अपनी माता के पीछे ही अपनी इहलीला समाप्त कर ली। इधर बहिन के छोटे भाई ओमप्रकाश (50) ने जब अपनी माता और बहिन की मौत की खबर सुनकर सीकर में ही उद्योग नगर क्षेत्र में दासा की ढाणी के पास सोमवार शाम को ही ट्रेन के सामने छलांग लगाकर अपनी जान भी दे दी। पुलिस ने उसके पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान की। आधार कार्ड में उसे वार्ड सं. 17 लाडनूं का निवासी ओमप्रकाश 50 वर्ष पुत्र सोहनलाल बताया गया था।इस प्रकार एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत एक ही दिन में हो गई। मात्र 9 घंटों के अंदर इन तीन जनों की जान चली गई। मंगलवार को मां और बेटे का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
एक के बाद एक तीन जनों ने 9 घंटों के भीतर दम तोड़ा
परिजनों से की गई पूछताछ में जानकारी मिली कि ओमप्रकाश की 80 साल की मां खिरणी देवी 22 जनवरी से सीकर के गुरुकृपा अस्पताल में भर्ती थी। 26 जनवरी को बेटी किरण (52) को मां की गंभीर स्थिति का पता चला, तो सदमे से उसकी मौत हो गई। 26 जनवरी को ही खिरनी देवी का भी निधन हो गया था। मां की मौत के बाद ओमप्रकाश ने परिजनों को शव लेकर लाडनूं जाने को कहा और खुद बस से आने की बात कहकर सीकर में रुक गया। शाम 4 से 4:30 बजे के बीच ओमप्रकाश ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस प्रकार मात्र 9 घंटों के अंदर-अंदर बहन, मां और बेटे तीनों की मौत हो गई। मंगलवार को मां और बेटे का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। वहीं किरण का 26 जनवरी को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। मृतक ओमप्रकाश पोस्ट ऑफिस में एजेंट थे। वह अपनी कमाई मां और बहन को देता था और बहन के घर पर ही रहता था। पुलिस का मानना है कि बहन और फिर मां की मौत से वह इतना टूट गया था कि उसने सुसाइड का फैसला कर लिया।
तेज रफ्तार ट्रक से कुचल कर तीन मां-बेटियों की मौत, एक बेटी गंभीर घायल



दूसरे हादसे में राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 58 पर लाडनूं-निम्बी जोधां मार्ग पर गोरेड़ी गांव के पास होटल श्याम की हवेली चौराहे के निकट यह अत्यंत दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, इसमें मंडा बासनी निवासी और वर्तमान में में लाडनूं कस्बे के सैनिक स्कूल के पास की निवासी तीन मां-बेटियों की जान चली गई। मां लाडनूं में सैनिक स्कूल के पीछे रह कर गाय पाल कर दूध बेचती थी। तीनों बेटियां लाडनूं के सुभाष बोस स्कूल में अध्ययनरत थी, अक्षिता (16) कक्षा 10वीं, योगिता (13) कक्षा 5वीं और निकिता (10) कक्षा 4थी में पढ़ती थीं। ये मां और तीनों बेटियां स्कूटी लेकर गोरेड़ी चौराहे पर सड़क पर खड़ी थी, कि तेज रफ्तार से आए ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और करीब 100 मीटर तक उन्हें घसीटता हुआ ले गया। इस भीषण टक्कर के कारण वहां आसपास में भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। अक्षिता की टांगें ट्रक से कुचल कर टूट गई। हादसे में मां शारदा और उसकी बेटी अक्षिता दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गईं और दो बेटियां लाडा व अंकिता की मौत हो गई। हादसे के बाद एकत्र लोगों व पार्षद इदरीस खां ने सहायता करते हुए घायलों को तत्काल लाडनूं के राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों व नर्सिंग कर्मियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। मां और बेटी दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हाई सेंटर रेफर कर दिया, रैफर करने के बाद जयपुर में इलाज के दौरान मां की मौत भी हो गई। मृत दोनों बेटियों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां तीनों मृतक मां-बेटियों का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों के सुपुर्द किए गए। उनका अंतिम संस्कार मंडा बासनी गांव में किया गया। सूचना मिलते ही लाडनूं के पुलिस उप अधीक्षक जितेंद्र सिंह चारण, थानाधिकारी शंभुदयाल मीणा, सहायक उप निरीक्षक पर्वत सिंह, प्रेम सिंह सहित पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के कारणों की पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार स्कूटी सवार शारदा देवी (48) पत्नी गिरधारीलाल मण्डा जाति जाट अपनी तीन बेटियों के साथ थी। इसी दौरान सामने से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उन सबको स्कूटी सहित अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में योगिता (13) व निकिता (10) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि शारदा देवी व बड़ी पुत्री अक्षिता (16) गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्कूटी बुरी तरह से टूट कर बिखर गई। पुलिस ने दुर्घटना कारित करने वाले ट्रक को जब्त कर लिया गया है।बताया गया है कि इस परिवार के मुखिया गिरधारीलाल जाट लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं और बिस्तर पर हैं। उसकी पत्नी ही पूरे घर का बोझ संभाले हुए थी।
यह दी गई है पुलिस को रिपोर्ट
इस हादसे की रिपोर्ट घासीराम पुत्र चन्दाराम निवासी मण्डा बासनी तहसील डीडवाना ने लाडनूं पुलिस को दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 जनवरी को उसके परिवार में भतीजे गिरधारी राम की पत्नी शारदा देवी, अक्षिता, लाडू उर्फ योगिता व निकिता, जो गोविन्दराम के घर से खाना खाकर गोरेड़ी बस स्टेण्ड तिराहे पर सड़क के नीचे खड़े होकर वाहन का इन्तजार कर रहे थे, उसी समय करीब 7 बजे रात को निम्बी जोधां की तरफ से एक वाहन संख्या आरजे 23 जीए 6449 के चालक ने अपने वाहन को तेजगति व लापरवाही से चलाकर स्कूटी व उसके पास खड़े सभी को टक्कर मारी, जिससे सबके गम्भीर चोटें लगी। उनको पीछे से आ रहे गोविन्दराम ने उसे तत्काल राजकीय अस्पताल लाडनूं पहुंचाया, जहां लाडू उर्फ योगिता व निकिता को डॉक्टर ने चैक कर मृत घोषित कर दिया व शारदा देवी व अक्षिता की स्थिति गम्भीर होने से हाई सेन्टर रैफर कर दिया। फिर उनको एमएमएस होस्पिटल जयपुर में भर्ती करवाया गया, जहां शारदा देवी की मौत इलाज के दौरान हो गयी व अक्षिता का वहां पर इलाज जारी है। पुलिस ने इस रिपोर्ट को धारा 106 (1), 281, 125 (बी) बीएनएस के तहत दर्ज किया है मामले की जांच प्रोबेशन आरपीएस सुश्री ऋतु कुमारी को सौंपी गई है।







