क्या यह लाडनूं क्षेत्र के प्रतिष्ठित बागड़ा परिवार को बदनाम करने का षड्यंत्र था?
समाजसेवी और भामाशाह किसान के समर्थन में आए क्षेत्र के सभी प्रमुख लोग, एसडीएम को ज्ञापन देकर पुलिस की करतूत को बताया सरासर साजिश,
दुजार के खेत और बने रहवासीय मकान पर की गई कृत्रिम कार्रवाई, झूठा मुकदमा बनाने और साजिश में शामिल होने का पुलिस पर गंभीर आरोप


लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय पुलिस द्वारा यहां दुजार ग्राम स्थित एक कृषि फार्म पर दबिश देने और वहां किसान और उसके मेहमानों पर संगठित अपराध करने व जुआ खेलने का एक झूठा मुकदमा बनाकर लाडनूं क्षेत्र के प्रतिष्ठित बागड़ा परिवार को बदनाम करने की साजिश रचे जाने को लेकर यहां के गणमान्य व प्रतिष्ठित लोगों ने उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम दुजार स्थित बागड़ा कृषि फार्म में 6 दिसम्बर को पुलिस ने जबरन घुस कर वहां कार्यरत किसान नागरमल बागड़ा, जिनका वहां फार्म में ही रहवासीय मकान भी है, को पकड़ा और सुजानगढ से उनके घर आए हुए उनके मेहमानों की भी धर-पकड़ की। इसके बाद पुलिस ने उन सबको गलत तरीके से वहां जुआ खेलने का आरोप लगाते हुए उनकी इनोवा गाड़ी भी जब्त कर ली।
पुलिस ने की पूरी मनमानी, ऐसा लग रहा था कि यह सब सुनियोजित था
ज्ञापन में लाडनूं पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को मनगढंत तरीके से किया गया और साजिश रच कर की गई, बताया गया है तथा कहा गया है कि इन सब लोगों के पास कोई ताश पत्ते अथवा जुआ सामग्री नहीं थी। पुलिस ने इनसे जिन रूपयों की बरामदगी दिखाई गई है, वे रूपए मकान के अंदर संदूक खुलवा कर बरामद किए गए थे। ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं पुलिस ने जुआ पकड़े जाने पर मौके पर या थाने में जमानत-मुचलका लेकर छोड़े जाने के बजाय बदनियति पूर्वक उन सबको पुलिस थाने लाया जाकर फोटाग्राफी-वीडियोग्राफी की गई और प्रेसनोट जारी कर उनकी छवि को समाज में बुरी तरह से गिराने की कोशिश की गई।
पुलिस ने रचा संगठित अपराध करने का गंभीर आरोप
ज्ञापन में यह भी जताया गया है कि पुलिस ने इसे जुए का मामला दिखाने के साथ ही इसमें धारा 112 (2) भारतीय न्याय संहिता को भी अवैध तरीके से जोड़ कर इसे संगठित अपराध के रूप में दर्शाया, ताकि उनकी जमानत संभव नहीं हो सके। इस प्रकार पुलिस ने षड्यंत्रपूर्वक या किसी अन्य के दबाव-प्रभाव में आकर इस प्रकार का मुकदमा बना कर एक सम्मानित व्यक्ति एवं परिवार को बुरी तरह से बदनाम करने की कुचेष्टाएं की हैं।
क्षेत्र में सदा से पूर्ण सम्मान प्राप्त रहा है यह बागड़ा परिवार
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि नागरमल बागड़ा का परिवार क्षेत्र का सम्मानित परिवार है। इनका परिवार सदा से ही राजनीति, कृषि, व्यापार, समाजसेवा से जुड़ा हुआ रहा है। इनके छोटे भाई ओमप्रकाश बागड़ा वर्तमान में पंचायत समिति लाडनूं के सदस्य हैं। वे कसूम्बी से सरपंच रह चुके। भारतीय जनता पार्टी के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भी रहे, भाजपा कृषि मंडी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आदि विभिन्न पदों पर पदासीन रह कर भाजपा संगठन की बरसों से सेवा की है। ओमप्रकाश बागड़ा की पत्नी स्व. ममता बागड़ा भी पंचायत समिति सदस्य एवं कृषि उपज मंडी समिति डीडवाना की चैयरमेन भी रही थी। उनके पिता स्व. गणपतराय शर्मा बागड़ा भी कसूम्बी से सरपंच रहे। ज्ञापन में पुलिस द्वारा बनाई गई इस फर्जी व कूटरचित एफआईआर को खारिज करवाने तथा प्रतिष्ठित बागड़ा परिवार के सम्मान की बहाली के लिए दूसरा प्रेसनोट जारी कर भूलसुधार करवाया जाने की मांग की गई है।
इन सबकी रही ज्ञापन देने में मौजूदगी
ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर एवं जिला पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन को भी भेजी गई है। ज्ञापन देने वालों में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य देवाराम पटेल, पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष हरिनारायण झूरिया, अ.भा. किसान सभा के मदनलाल बेरा, आर्य समाज के पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश आर्य, सुखवीर आर्य, सुखाराम जाट, ब्लॉक जाट महासभा के अध्यक्ष नाथूराम ठोलिया, नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष डा. लूणकरण शर्मा, रमेशचंद शर्मा, सब्जी विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष शिम्भुसिंह जैतमाल, पूर्व पार्षद प्रवीण जोशी, गणपतराम जाट, हजारीराम, भागीरथ राम, बिजेन्द्र, बजरंगलाल, मुकनाराम, रूपाराम, रामनिवास, गौ सेवक अमित सोनी डांवर, लाडनूं प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंकर आकाश, लक्ष्मणसिंह चारण, जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जगदीश यायावर, आरिफ खान, श्याम शर्मा आदि शामिल रहे।







