चारों तरफ है पानी ही पानी, जमीन की जलसोख क्षमता मिटी, अब पानी वापस उगलने लगी जमीन
जसवंतगढ़ में जलभराव की स्थिति ने जनजीवन को किया बुरी तरह प्रभावित

लाडनूं (kalamkala.in)। भारी बारिश के कारण निकटवर्ती जसवंतगढ़ कुछ हालत काफी खराब हो चुकी है। यहां निचले इलाके लगभग जलमग्न हो चुके हैं। पानी इतना अधिक बरसा है कि जमीन ने पानी सोखने-ग्रहण करने के बजाय पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। यहां का जोधा नाडा तालाब पूरा भरने के अलावा उसके ताल में भी करीब एक-एक किलोमीटर तक पानी का भराव नजर आ रहा है। जोधानाडा तालाब में जहां खुद के पायतन और जलग्रहण क्षेत्र ताल का पानी आता है, वहीं सुजानगढ़ नगर पालिका भी यहां पानी छोड़ रही है। क्षेत्र के खंदेड़े पानी से पूरे भर चुके हैं। घरों में पानी के भराव से और आवागमन बंद होने से पूरा जनजीवन प्रभावित हैं।
जनजीवन हुआ बुरी तरह प्रभावित
जसवंतगढ़ के वार्ड संख्या 1 व 2 और वहां की इंदिरा कालोनी की हालत तो जलभराव से बदतर हो चुकी है। यहां कुछ घरों में और कुछ गलियों में व्यक्ति अंदर प्रवेश तक नहीं कर सकता, इतनी हालत खराब है। रामलाल जी की चक्की से शैलेन्द्र के घर तक जाने वाला मार्ग पूरा बंद हो चुका है। जसवंतगढ़ की कुछ सड़कें नीची है और गलियां भी नीची होने के कारण उनसे आना-जाना तक बंद हो चुका है।
पानी उगलने लगी है जसवंतगढ़ की जमीन
कस्बे के पानी की निकासी उत्तर की तरफ है। इस ढलान के कारण उत्तर की दिशा में लगभग सभी प्लाट, नोहरे और मकान जलमग्न हो चुके हैं। पिछले डेढ़ माह से लगभग ऐसी ही स्थिति चल रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया। मकानों के अंदर तो जमीन से पानी वापस ऊपर आना शुरू हो चुका है। जसवंतगढ़ में भूगर्भस्थ जल का स्तर काफी ऊपर है और पिछले दिनों आई बरसात के कारण जमीन का पानी ऊपर आ गया। काफी दिनों से ऐसी स्थिति बनी हुई थी और सोमवार की भारी बारिश ने तो स्थिति बिगाड़ कर रख दी और अब जमीन पानी उगलने लगी है। घरों के गटर पूरे भूगर्भस्थ पानी आने से भर चुके हैं।
कब ध्यान देगा प्रशासन
जसवंतगढ़ में जलभराव ने पूरा जनजीवन बदहाल कर रखा है। लोगों की उम्मीद प्रशासन से है, लेकिन इस ज्वलंत समस्या की ओर प्रशासन की उपेक्षा के चलते कोई स्थाई हल भी निकलता नहीं दिखाई दे रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजनी कुमार सारस्वत ने बताया कि जसवंतगढ़ जलभराव की समस्या से बुरी तरह परेशान है। इसका समाधान शीघ्र किया जाना आवश्यक है और भविष्य में ऐसी समस्या नहीं पैदा हो, इसका स्थाई बंदोबस्त भी किया जाना चाहिए।






