सुमित मोदी के तेयुप का निर्विरोध अध्यक्ष बनने पर उठे सवाल-दर-सवाल, तेयुप में फूट पड़ी,
योगक्षेम वर्ष पर तेरापंथ युवक परिषद में घपला, मनमर्जी के चुनाव करवाने को लेकर इस्तीफा और नया संगठन खड़ा करने की घोषणा,
निर्विरोध चुनाव सम्पन्न करवाने के नाम पर पूरा घपला करने और ओसवाल मित्र मंडल के नाजायज दबाव व हस्तक्षेप के आरोप लगे

लाडनूं (kalamkala.in)। हाल ही में तेरापंथ युवक परिषद के चुनाव सम्पन्न करवाए गए, लेकिन चुनाव के दौरान मनमानी, पूर्वाग्रह करने व नियम-व्यवहार की अनदेखी किए जाने से नामांकन दाखिल करने वालों में मतभेद, असंतोष और विद्रोह की भावनाएं बलवती हुई हैं। इसका सारा दोष निर्वाचन अधिकारी और मातृसंस्था की सुस्ती व लापरवाही पर मढ़ा जा रहा है। बढ़ते मतभेदों के बीच हालात ऐसे बन चुके हैं कि तेयुप के समानान्तर अन्य युवा संगठन खड़ा करने की घोषणा भी कर दी गई है। विवादों में घिरे इस तेयुप के चुनाव में खड़े उम्मीदवार ललित सेठिया ने इसकी संकल्प पूर्वक घोषणा की है। ललिथ मोदी का कहना है कि मातृ संस्था ‘अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद’ की शून्यता एवं निर्वाचन अधिकारी के अलोकतांत्रिक रवैये से व्यथित होकर उन्होंने ‘युवकों में जागे विश्वास’ जैसे नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने वाली संस्था तेयुप लाडनूं से इस्तीफा देकर आगामी योगक्षेम वर्ष 2026-27 को देखते हुए एक नए युवा संगठन का निर्माण करने का संकल्प लिया है।
घोषित चुनाव की बैठक और अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा
लाडनूं में पहली पट्टी स्थित ऋषभद्वार भवन परिसर में रविवार 15 जून को आयोजित तेरापंथ युवक परिषद की साधारण सभा की बैठक में चुनाव अधिकारी अजीत बैद ने सुमित मोदी को तेरापंथ युवक परिषद लाडनूं के आगामी कार्यकाल 2025-26 के लिए अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की व नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमित मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें निर्वाचन नियुक्ति पत्र सौंपा।निर्वाचित घोषित अध्यक्ष सुमित मोदी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था के गरिमामय अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित होना उनके लिए गौरव की बात है। आचार्य महाश्रमण के इंगित उद्देश्य के अनुरूप कार्यों को मूर्तरूप देने के लिए वे सतत प्रयत्नशील रहेंगे। इस बैठक में मंत्री राजेश बोहरा ने गत बैठक की कार्यवाही का वाचन किया एवं मंत्री-प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कोषाध्यक्ष अरिहंत घोड़ावत ने सत्र 2024-25 के आय-व्यय का लेखा प्रस्तुत किया।बैठक का आरंभ विजय गीत के साथ किया गया। बैठक का संचालन मंत्री राजेश बोहरा ने किया।
चुनाव अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप, मनमाने ढंग से किया फार्म निरस्त
तेरापंथ युवक परिषद की लाडनूं शाखा में सत्र 2025-26 के लिए नई कार्यकारिणी के गठन के लिए करवाए गए इस चुनाव में निर्वाचन अधिकारी अजीत बैद पर तानाशाही रवैया अपनाने एवं एकतरफा ओसवाल मित्र मंडल की पैरवी करने के आरोप लगाते हुए चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसमें अध्यक्ष पद के लिए आवेदन भरने वाले तेयुप सदस्य ललित सेठिया ने बताया कि फार्म भरने की तय समय सीमा में 5-5 आवेदक एवं प्रस्तावक सदस्यों के हस्ताक्षर मय फार्म सम्पूर्ण जानकारी सहित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया था। तत्पश्चात निर्वाचन अधिकारी अजीत बैद द्वारा ललित सेठिया समर्थक सभी आवेदक एवं प्रस्तावक सदस्यों से टेलीफोन द्वारा संपर्क कर उनके हस्ताक्षरों की सत्यता पर संशय प्रस्तुत करते हुए सत्यापन हेतु उनके पेन कार्ड मांगे गए। सभी ने अपने-अपने हस्ताक्षर सत्यापन हेतु अपने पेन कार्ड निर्वाचन अधिकारी को तय समय सीमा में उपलब्ध करवा दिए। लेकिन, इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारी ने ओसवाल मित्र मंडल के दबाव में फार्म में अन्य कई त्रुटियां बताकर चुनाव प्रत्याशी ललित सेठिया का फार्म निरस्त कर दिया।
ओसवाल मित्र मंडल के दबाव में किया ललित सेठिया का आवेदन खारिज
निर्वाचन अधिकारी के इस तरह के मनमाने व बेतुके रवैये को देखते हुए तेयुप की मातृ संस्था ‘अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद’ में भी ललित सेठिया ने शिकायत प्रस्तुत की, लेकिन इस मामले में मातृ संस्था की शून्यता को देख कर सेठिया ने ठगे से रह गए। बताया जा रहा है कि निवर्तमान अध्यक्ष ओसवाल मित्र मंडल के सक्रिय सदस्य हैं एवं निर्वाचन अधिकारी अजीत बैद उस संगठन संस्थापक हैं। अपने पसंदीदा उम्मीदवार (निवर्तमान अध्यक्ष) को जितवाने एवं चुनाव होने पर हार से बचाने के लिए तथा उम्मीदवार सेठिया की उत्सुकता व सक्रियता देखते हुए निर्वाचन अधिकारी ने नया पैंतरा अपनाया एवं चुनाव के तय समय से कुछ घण्टे पूर्व सेठिया फ़ोन करके कहा कि ‘आवदेन की जांच में मेरे द्वारा कुछ त्रुटियां हुई हैं, अतः आप मुझे एक निवेदन लिखकर दीजिये। मैं चुनाव को रद्द करके चुनाव हेतु नई तारीख तय कर दूंगा।’ इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद ओसवाल मित्र मंडल के लगातार दबाव की वजह से उन्होंने ललित सेठिया के इस पत्र को नजरअंदाज कर नए अध्यक्ष का चुनाव रविवार को करवा दिया तथा सुमित मोदी (पूर्व अध्यक्ष) को ही निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया।







