जैन विश्व भारती में सामूहिक क्षमायाचना दिवस का आयोजन
लाडनूं। तेरापंथ धर्मसंध की परम्परा के अनुसार पर्युषण पर्व के पश्चात क्षमायाचना पर्व का आयोजन जैन विश्व भारती स्थित महाश्रमण विहार में मुनिश्री विजयकुमार के सान्निध्य में किया गया। इस सामूहिक क्षमायाचना दिवस कार्यक्रम में मुनि विजय कुमार ने फरमाया कि क्षमापना पर्व के नाम का स्वयं में बहुत महत्व है ‘क्ष’ से नकारात्मक भावों का क्षय, ‘मा’ से माफी मांगना व देना, ‘प’ से पवित्र भाव से क्षमा, ‘ना’ से नकारात्मक भावों को न करना। मुनि विजयकुमार ने पद्यों के माध्यम से मैत्री दिवस का संदेश प्रदान किया। उन्होंने भावपूर्ण प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से जीवन में मैत्री भाव बनाए रखने व संदेह से दूर रहने की प्रेरणा भी प्रदान की। जैन विश्व भारती के पवित्र वातावरण को आचार्य तुलसी की पंक्तियों में प्रकट किया एवं यहां कार्य करने वाले को सौभाग्यशील बताया।
जैविभा के अध्यक्ष ने की क्षमायाचना
इस अवसर पर जैन विश्व भारती के अध्यक्ष मनोज कुमार लूनिया ने आचार्यप्रवर एवं समस्त चारित्रात्माओं के प्रति क्षमायाचना व्यक्त की एवं जैन विश्व भारती के समस्त कार्मिकों से ज्ञात-अज्ञात कष्ट, भूल के लिए क्षमायाचना की। अध्यक्ष ने जैन विश्व भारती के कण-कण में व्याप्त मैत्री भाव को अखण्ड बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान की एवं समस्त कार्मिकों के उज्जवल भविष्य की मंगलकामना भी की। जैन विश्व भारती के उपाध्यक्ष अशोक कुमार चिण्डालिया ने अध्यक्ष के सामूहिक क्षमायाचना एवं व्यक्तिशः क्षमायाचना के उपक्रम की अनुमोदना की एवं समस्त कार्मिकों को समभाव से रहने की प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डा. विजयश्री शर्मा ने किया। इस अवसर पर कमल धारेवा, दिनेश सोनी, संजय बोथरा, आदि भी उपस्थित रहे।







