डिजीटल इंडिया मिशन को मिलेगा सम्बल, डीडवाना जिले में 133 राजकीय विद्यालयों में मिलेगी प्रोजेक्टर से डिजीटल शिक्षा,
पॉवर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से ‘शिक्षा प्रोद्योगिकी उन्नयन योजना’ के तहत लगेंगे ये सभी प्रोजेक्टर, एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
डीडवाना (kalamkala.in)। जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की नींव रखी गई है। जिला कलेक्टर पुखराज सेन की दूरदर्शिता और प्रेरणा से अब जिले के 133 उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण पहल पॉवर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से ‘शिक्षा प्रोद्योगिकी उन्नयन योजना’ के तहत साकार हो रही है। मंगलवार को इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अधिगम वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस सम्बंध में मंगलवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू पर किए हस्ताक्षर
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि मंगलवार को जिला कलेक्टर पुखराज सेन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर महेन्द्र कुमार मीणा और पॉवर ग्रिड कारपोरेशन की ओर से वरिष्ठ महाप्रबंधक श्रीमती अंजलि बंगा व मुख्य महाप्रबंधक संजय सिन्हा की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए। उन्होंने बताया कि इस कार्य में उप महाप्रबंधक जीतेन्द्र मीणा और अभियंता सत्येन्द्र गुप्ता ने एमओयू के सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करता है, बल्कि यह सार्वजनिक-निजी सहभागिता की एक उत्कृष्ट मिसाल भी पेश करता है। यह योजना जिले के बच्चों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
शिक्षण में आएगा निखार
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह योजना जिले में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाएगी। प्रोजेक्टर के माध्यम से अब पढ़ाई अधिक रोचक, इंटरैक्टिव और दृश्यात्मक होगी, जिससे छात्र जटिल विषयों को भी आसानी से समझ सकेंगे। ऑडियो-विजुअल माध्यम से ज्ञान ग्रहण करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी, जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होगी। यह पहल शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग करने का अवसर भी प्रदान करेगी, जिससे उनकी शिक्षण शैली में निखार आएगा। अंततः यह गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित कर शिक्षा में समावेशिता और डिजिटल समानता को बढ़ावा देगी। साथ ही ग्रामीण अंचलों में भी स्मार्ट शिक्षा की पहुंच बढ़ाएगी जो ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के उद्देश्यों के अनुरूप है।






