मकर संक्राति पर्व को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में धारा 163 लागू, पतंगबाजी को किया नियमित, चाईनीज मांझा हुआ पूरी तरह से प्रतिबंधित, बेचने-खरीदने पर मिलेगा दंड

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मकर संक्राति पर्व को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में धारा 163 लागू,

पतंगबाजी को किया नियमित, चाईनीज मांझा हुआ पूरी तरह से प्रतिबंधित, बेचने-खरीदने पर मिलेगा दंड

डीडवाना/लाडनूं (kalamkala.in)। डीडवाना-कुचामन जिले में मकर संक्रान्ति पर्व को देखते हुए शुरू हो रही पतंगबाजी को लेकर चाईनीज मांझे के प्रयोग से होने वाली जान-माल की हानि और लोक-स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर पूरे जिले में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) को लागू किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हाकर आगामी 20 जनवरी 2025 तक जारी रहेगी। इसके तहत पतंगें उड़ाने की समय सीमा तय की गई है तथा चाईनीज मांझे को रखना, खरीदना-बेचना, लाना-ले जाना और उपयोग में लेना दंडनीय घोषित किया गया है। आदेश की अवमानना भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय अपराध होगा तथा अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार मुकदमा चलाया जावेगा।

वाहन चालकों, पंछियों एवं बिजली को भी होता है नुकसान

जिला मजिस्ट्रेट पुखराज सैन ने यह धारा 163 के आदेश जारी करते हुए बताया है कि मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी में धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा (प्रचलित भाषा में ‘चाईनिज मांझा’) प्रयुक्त किया जाने लगा हैं। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, जो पंतग के पेच लड़ाने में अधिक कारगर होता हैं। इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता हैं, जिसके उपयोग के दौरान दोपहिया वाहन-चालकों तथा पक्षियों को अत्याधिक जान-माल का नुकसान होना संभाव्य हैं, साथ ही विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वालों को भी नुकसान पहुंचना तथा विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना संभाव्य हैं। इस समस्या व खतरे के निवारण हेतु यह आवश्यक हैं कि धातु निर्मित मांझा (सामान्य प्रचलित भाषा में ‘चाईनिज मांझा’) के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया जावे। इसे देखते हुए लोगों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं मानव व पशु-पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयेाग करते हुए जिला मजिस्ट्रेट पुखराज सैन ने निषेधात्मक आदेश जारी किए हैं।

मांझों का संग्रह, विक्रय, परिवहन, उपयोग आदि सभी रहेंगे प्रतिबंधित

इन आदेशों के अनुसार लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाये रखने एवं पक्षियों के लिये बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके धातु निर्मित मांझा (चाईनिज मांझा) की थोक व खुदरा बिक्री, भंडारण, परिवहन तथा उपयोग राजस्व जिला, डीडवाना-कुचामन की क्षेत्राधिकारिता में निषेध/प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति यदि इस प्रकार के मांझों का भण्डारण, विक्रय, परिवहन अथवा उपभोग करेगा तो उसके विरूद्ध यथा-प्रचलित सम्यक् कानून के तहत कार्यवाही की जावेगी। आदेश के तहत आमजन को निषेध किया जाता हैं कि पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 से 8 बजे तथा सायं 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। इस आदेश की अवमानना भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय अपराध होगा तथा अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जावेगा। यह आदेश दिनांक 20.01.2025 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार करने के लिए पुलिस द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के जरिये व अन्य माध्यमों यथा समाचार-पत्रों से लोक सूचना किया जाएगा।

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Author: kalamkala

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