विचारों-सिद्धांतों का अनुकरण करने से ही होती है वास्तविक इष्टपूजा- सेनाचार्य अचलानन्द महाराज, बादेड़ भैरव धाम में सभी श्रद्धालुओं को एकसाथ दिलवाया नशामुक्ति का संकल्प, शिव दरबार, काली माता, राधा-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा में विभिन्न संतों का हुआ समागम

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विचारों-सिद्धांतों का अनुकरण करने से ही होती है वास्तविक इष्टपूजा- सेनाचार्य अचलानन्द महाराज,

बादेड़ भैरव धाम में सभी श्रद्धालुओं को एकसाथ दिलवाया नशामुक्ति का संकल्प,

शिव दरबार, काली माता, राधा-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा में विभिन्न संतों का हुआ समागम

लाडनूं। तहसील के बादेड भैरवधाम में चल रहे 108 कुंडीय शिव शक्ति महायज्ञ एवं शिव काली मूर्ति स्थापना समारोह के कार्यक्रम में जोधपुर से पधारे सेनाचार्य अचलानंद महाराज ने कहा है कि ईश्वर को मानने मात्र से नहीं, बल्कि अपने इष्ट और आदर्श के पदचिह्नों पर भी चलने पर ही व्यक्ति की उन्नति संभव होती है। वास्तविक इष्टपूजा उनके विचारों-सिद्धांतों का अनुकरण करने से ही होती है। समाज में आदर्श की स्थापना के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति स्वयं आदर्शवादी बने। और उसका स्वयं का जीवन त्यागमय हो। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से नशे से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए मौजूद हजारों लोगों को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलवाया। सेन आचार्य ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ना चाहते हो तो गाय और बेटी की रक्षा करना सीखो। कार्यक्रम में सेनाचार्य अचलानंद महाराज का विभिन्न समाज द्वारा अभिनंदन भी किया गया।

सर्वोद्धार का मार्ग है यज्ञ

कार्यक्रम में बलडा कुचामन धाम के पीठाधीश्वर सीतारामदास महाराज ने यज्ञ की महिमा के बारे में विस्तृत रूप से बताया और सर्वोद्धार का मार्ग यज्ञ से ही बताया। जोधपुर के शंकरलाल महाराज ने भगवान बजरंगबली के गुणों का व्याख्यान किया। कार्यक्रम में विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि समाज में भक्ति से ही लोगों का जीवन बदला जा सकता है। सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल और पूर्व मंत्री राजकुमतार रिणवां ने मंदिर में स्थापित विभिन्न मूर्तियों के दर्शन किए। सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत मुख्य उपासक जेठाराम महाराज, पप्पूराम महाराज, समिति के संरक्षक विनोद गोठडिया, बसंत कुमार गोठडिया, संयोजक शंकर आकाश, सरपंच प्रतिनिधि बजरंगलाल ठोलिया ने किया। कार्यक्रम में देश-प्रदेश से विभिन्न समाजों के लोगों ने भाग लिया। मंदिर में भगवान शिव, मां काली, वीर बजरंगबली, राधा-कृष्ण, गुरु गोरखनाथ, दुर्गा माता, सरस्वती, जीण माता, केसरियाकंवर जी, गोगाजी महाराज की मूर्तियों की स्थापना की गई।

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Author: kalamkala

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