तहसीलदार ने संभाली कमान, पालिका कर्मियों ने पकड़ा मैदान,
लाडनूं वासियों को बंधी अब आश, निराश्रित पशुओं से छुटकारे का हुआ विश्वास


लाडनूं (kalamkala.in)। बरसों से विकराल हो चुकी बेसहारा गौवंश की समस्या से त्रस्त, पीड़ित, परेशान लोगों को अब राहत की सांस मिलने वाली है। नगर पालिका ने अब इनकी सुध लेनी शुरू की है। शुक्रवार से नगर पालिका कर्मचारियों ने शहर से निराश्रित गोवंश को पकड़ने और उन्हें गौशाला में डालने का काम शुरु किया है। इसके लिए तहसीलदार लाडनूं एवं नगर पालिका के कार्यवाहक ईओ अनिरुद्ध देव पांडेय ने निर्देश प्रदान कर कार्रवाई शुरू करवाई है।
बचे कचरे और सड़ी-गली सब्जियां फेंक कर बिगाड़ी जा रही है हालत
लाडनूं के बस स्टैंड, राहूगेट, गांधी चौक, कमल चौक, कालीजी का चौक, जावा बास आदि एवं अन्य विभिन्न स्थानों पर इन बेसहारा गौवंश के दिनभर विचरण के साथ लड़ने-भिड़ने, झगड़ने से लोग चोटिल हो रहे हैं और सम्पत्ति का नुक़सान भी हो रहा है। राहूगेट से बस स्टैंड और सब्जी मंडी गांधी चौक में तो दिन भर तै समस्या रहती ही है, लेकिन शाम के समय सब्जी विक्रेताओं, ठेला चालकों, केबिन संचालकों, विभिन्न दुकानदारों आदि द्वारा डाल दिए जाने वाले कचरे और बची हुई सड़ी-गली सब्जी डालने पर झुंड बना लेते हैं और फिर उनके बीच आपस में टकराने के हालात पैदा हो जाते थे। यह सफाई व्यवस्था के लिए भी नासूर की तरह बनी हुई है, वहीं पशुओं की प्रचंड हलचल से दुर्घटनाएं रोजमर्रा की बात बन चुकी। इन सब हालत के कारण आम नागरिक अत्यधिक पीड़ित और परेशान हो चुका था। प्रशासन को ऐसे सभी सब्जी विक्रेताओं आदि को पाबंद करना चाहिए।
बहुत गुहार लगाई थी लोगों ने प्रशासन से
शहर की इस सबसे बड़ी समस्या को लेकर विभिन्न नागरिक, संस्थाएं और पार्षदगण द्वारा उपखंड प्रशासन एवं नगर पालिका का ध्यान बार-बार शिकायतें, समस्याएं प्रस्तुतीकरण, विभिन्न बैठकों, जन सुनवाई आदि में ध्यानाकर्षण आदि के बावजूद प्रशासन अब तक लगभग सोया ही रहा था। लंबे समय से बनी इस समस्या का समाधान संभव नहीं हो पाया। अब नगर पालिका द्वारा निराश्रित पशुओं को पकड़े जाने और गौशाला में छोड़े जाने का अभियान शुरू किए जाने से लोगों को राहत की उम्मीद बंधी है।







