हुडास में फांसी के फंदे से लटकी विवाहिता की संदिग्ध मौत को लेकर मृतका के भाई ने किए सवाल खड़े,
पुलिस को 10 घंटे तक सूचना नहीं दी, फिर आनन-फानन में बिना मजिस्ट्रेट के करवा डाला पोस्टमार्टम


लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के ग्राम हुडास में एक विवाहिता महिला अज्ञात कारणों के चलते फांसी के फंदे पर झूली हुई मिली। महिला की मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। मृतका अन्नपूर्णा कंवर के पीहर पक्ष ने मौत को संदेहास्पद मानते हुए एसपी को पत्र लिखा है तथा पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हुडास गांव में अपनी ससुराल में एक कमरे में मंगलवार शाम को यह विवाहिता पंखे पर फंदा बना कर लटकी हुई मिली। पुलिस ने महिला अन्नपूर्णा कंवर (28) के शव को लाडनूं के राजकीय चिकित्सालय स्थित मोर्चरी में रखवाया, जिसका पोस्टमार्टम बुधवार को किया गया। शव का अंतिम संस्कार हुडास में ससुराल पक्ष द्वारा किया गया। मृतका की शादी को 7 साल पूरे नहीं हुए थे। मृतका एक ढाई साल के पुत्र की मां थी।
सक्षम मजिस्ट्रेट के बिना पोस्टमार्टम करवाना संदिग्ध
मृतका के भाई बीकानेर के बंगलानगर निवासी शेर सिंह पुत्र विक्रम सिंह ने इस मौत को लेकर पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन को पत्र दिया है, जिसमें अपनी बहिन की संदिग्ध मृत्यु का पोस्टमार्टम सक्षम अधिकारी की उपस्थिति के बिना करवाने को लेकर आपत्ति जताई है तथा मृत्यु पर सवाल उठाए हैं। उसने अपने पत्र में लिखा है कि उसकी बहिन अन्नपूर्णा कंवर का विवाह नवम्बर 2019 में मान सिंह निवासी हुडास के साथ हुआ था। उसकी बहिन की संदिग्ध मृत्यु 17 मार्च 2026 को हुई है। उसकी बहिन की मृत्यु की सूचना पुलिस थाना निम्बी जोधा को मृत्यु के 10 घंटे बाद दी गई। उसकी संदिग्ध मृत्यु होने के बावजूद उसका पोस्टमार्टम राजकीय चिकित्सालय लाडनूं में किसी सक्षम अधिकारी की उपस्थिति के बिना ही किया गया हैं, जबकि पोस्टमार्टम के समय प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति होनी आवश्यक थी। पुलिस थाने ने उसकी बहिन के ससुराल वालों से मिलकर बिना सक्षम अधिकारी को सूचित किये ही पोस्टमार्टम करवा लिया, जो नियमविरूद्ध है। इस स्थिति को देखते हुए पत्र में पुलिस थाना निम्बी जोधां, ग्राम पंचायत के सरपंच तथा ग्रामवासियों की मिलीभगत की पूरी आंशका जताई गई है। उसने एसपी से अपनी बहिन की संदिग्ध अवस्था में हुई मृत्यु की जांच सक्षम अधिकारी एवं सक्षम थाने से करवाई जाकर न्याय की मांग की है।
पति का कहना है कि जालोर से आकर सूचना दी
दूसरी तरफ मृतका के पति मानसिंह पुत्र पुष्प सिंह जाति रावणा राजपूत निवासी हुडास ने विक्रम सिंह पुत्र प्रताप सिंह निवासी बीकानेर के साथ मिलकर निम्बी जोधां पुलिस थाने को लिखित रिपोर्ट देकर बताया है कि उसकी पत्नी अन्नपूर्णा कंवर ने अज्ञात कारणों से फांसी खा ली है। 17 मार्च को करीब 5 बजे उसके पास उसकी मौसी उगमा कंवर का फोन आया और उसने जानकारी दी कि उसकी पत्नी फांसी पर लटक गई है। वह बीकानेर में काम करता हैं। बीकानेर से ऑफिस के काम के लिए वह जालोर गया हुआ था। वहां से उसने अपने ससुर विक्रमसिंह को सूचना दी। फिर मौके पर आकर उसने पुलिस थाना को इसकी सूचना दी। उसने अपनी पत्नी की मौत फांसी खाने से होना बताते हुए इसमें कोई शक-सुबहा नहीं होना बताया और अज्ञात कारणों से हुई मौत की जांच की मांग की है।
मौत को लेकर खड़े हैं विभिन्न सवाल
इस विवाहिता की मौत को लेकर विभिन्न संदेह खड़े हैं। जिस स्थान पर फांसी खाई गई है, वहां ऊपर चढ़ कर लटकने के लिए स्टूल आदि कोई साधन उपलब्ध नहीं था। मृतका की फांसी का फंदा बहुत अधिक लम्बा था और उसके पैर जमीन पर टिके हुए थे। दिनदहाड़े मौत होने के बावजूद पुलिस को 10 घंटे तक कोई सूचना नहीं दी गई। मृतका के विवाह को 7 साल पूर्ण नहीं हुए, फिर भी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति व मौका दिखाए बगैर ही पोस्टमार्टम कर देना भी पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बना देता है।







