लाडनूं में अघोषित ब्लेक आउट, अधिकांश शहर अंधेरे में डूबा,
पालिका उपाध्यक्ष ने संज्ञान नहीं लेने पर दी पार्षदों के एक्शन की चेतावनी

लाडनूं (kalamkala.in)। शहर भर की सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था बदहाल हो चुकी है, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लगभग सभी पार्षद इस समस्या को लेकर काफी गंभीर दिखाई देते हैं, लेकिन इसके कारणों पर ध्यान दें, तो माजरा कुछ और ही नजर आता है। पार्षदों का कहना है कि सम्बंधित ठेकेदार को नगर पालिका ने पैमेंट नहीं किया, इस कारण वह ठेकेदार जानबूझकर शहर की लाईटों को बंद रख रहा है। दूसरी तरफ यह भी बताया जा रहा है कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक नहीं होने से स्ट्रीट लाइट के रखरखाव, मरम्मत आदि के कार्य का वार्षिक ठेका नहीं हो पाया है। पिछली बैठक में भी यह एजेंडा बैठक के लिए निर्धारित था। हाल ही में जो विकास कार्यों की सूची राज्य सरकार से स्वीकृत हुई थी, उसमें एक प्वाइंट यह भी शामिल था। मगर लगातार यह दूसरी बैठक थी, जो नहीं होने दी गई।
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में बनी हुई है यह समस्या
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार लगभग समूचे शहर की लाईट व्यवस्था ठप्प पड़ी है। जावा बास, मालियों का बास, जनता कालोनी, खटीक बस्ती, हरिजन बस्ती, रैगर बस्ती, तेली रोड, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन रोड, कुम्हारों का बास, बड़ा बास, होस्पीटल रोड, टंकी चौराहा आदि में लाइटें बंद होने की जानकारी पार्षदों द्वारा दी जा रही है। इस प्रकार देखा जाए तो अधिकांश लाडनूं शहर इस अघोषित ब्लेक आउट का शिकार हो चुका है। यह वाकई गंभीर बात है और इस पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। जिस किसी भी कारण से यह स्थिति बनी है, उसका निवारण जरूरी है। समाधान के बहुत रास्ते संभव है, अगर कोई दृढ़ निर्णय लेना चाहे। आमजन को इस सबसे बहुत ज्यादा परेशानी होती है, उसके लिए ध्यान अति आवश्यक है।
नगर पालिका की ओछी सोच बताई
पार्षद यशपाल आर्य का कहना है कि सुखदेव आश्रम के पास ट्रांसफार्मर से जो क्षेत्र की रोड लाइट ऑन-ऑफ होती है, वहां से चालू किए जाने के बाद वापस बंद हो जाती है। इसके कारण मालियों के मौहल्ले में रोड लाइट बंद है। आर्य का कहना है कि सम्बंधित कर्मचारियों और ठेकेदार द्वारा साफ मना किया जाता है कि वे लाइट चालू नहीं करेंगे। उन्होंने ठेकेदार को पाबंद करने और ब्लेक लिस्ट करने की मांग भी की है। नगर पालिका के उपाध्यक्ष मुकेश खींची ने बोर्ड मीटिंग नहीं होने देने से जिन वार्डों में काम चल रहे हैं, उनके काम रुकवाए जाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को संज्ञान लेने के लिए कहा है और चेतावनी दी है कि अन्यथा पार्षदों को एक्शन लेने पर मजबूर होना पड़ेगा। पार्षद संदीप प्रजापत का भी कहना है कि नगर पालिका द्वारा यह सब जानबूझकर करवाया जा रहा है, जो ओछी सोच है।







